लखनऊ, 6 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के नए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जावीद अहमद की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। डीजीपी के रूप में उनकी नियुक्ति के खिलाफ निलंबित आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर की याचिका पर 7 जनवरी को सर्विस बेंच में सुनवाई होगी।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में चल रहे इस मामले पर न्यायमूर्ति एपी शाही और न्यायमूर्ति एआर मसूदी की खंडपीठ ने सुनवाई करने से इनकार दिया। इसके बाद याचिका को सर्विस बेंच के लिए रेफर कर दिया गया। यह जानकारी याचिकाकर्ता नूतन ठाकुर ने दी।
नूतन ठाकुर ने बताया कि जावीद अहमद को डीजीपी बनाने के मुद्दे पर गुरुवार सुनवाई होगी।
13 वरिष्ठ अधिकारियों को पीछे छोड़कर डीजीपी बनने वाले आईपीएस जावीद अहमद की नियुक्ति को उच्च न्यायालय में चुनौती देते हुए नूतन ठाकुर ने एक याचिका दाखिल की है। इस याचिका में उन्होंने डीजीपी की नियुक्ति में सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देश से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है।
गौरतलब है कि मूल रूप से बिहार के रहने वाले जावीद अहमद 1984 बैच के आईपीएस हैं। इससे पहले वह डीजी रेलवे के पद पर तैनात थे। उन्हें साल 2000 में डीआईजी के पद पर प्रमोशन मिला और 2005 में आईजी बने। इसके बाद अहमद 2011 में एडीजी बने और 2015 में डीजी के पद पर प्रमोशन मिला।
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