नई दिल्ली, 27 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने सोमवार को 1993 के मुबंई बम विस्फोट में दोषी करार दिए गए याकूब मेमन की उस याचिका का कड़ा विरोध किया, जिसमें उसने अपने खिलाफ जारी किए गए मृत्यु वारंट को चुनौती दी है और फांसी पर रोक लगाने की मांग की है।
याकूब को 30 जुलाई को फांसी दी जानी है। केंद्र ने कहा कि उसने अपने सभी कानूनी और प्रशासनिक विकल्पों का इस्तेमाल कर लिया है।
न्यायमूर्ति अनिल आर. दवे और न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ की सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने हालांकि मामले की सुनवाई स्थगित कर दी, क्योंकि न्यायमूर्ति जोसेफ ने उस पीठ की संरचना पर सवाल उठाए थे, जिसने 21 जुलाई को मेमन की क्यूरेटिव याचिका खारिज कर दी थी।
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