कोट्टायम (केरल), 14 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) से तीन दशक पुराना संबंध तोड़कर अलग होने के एक सप्ताह बाद केरल कांग्रेस (मणि) के मुखिया के.एम. मणि ने रविवार को दोहराया कि उनकी पार्टी किसी भी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी।
केरल में यूडीएफ के अलावा मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाला सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) भी है। राजग ने नेमोम की सीट जीतकर केरल विधानसभा में खाता खोला था।
राज्य के पूर्व वित्त मंत्री मणि ने यहां अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, “हालांकि हमारे दुश्मन बढ़ गए हैं, लेकिन हमें कोई डर नहीं है क्योंकि हमारे पास किसान समुदाय का पूरा समर्थन है।”
मणि ने जब से यूडीएफ का दामन छोड़ा है, उनके पास एलडीएफ और भाजपा दोनों के अप्रत्यक्ष प्रस्ताव आए हैं, लेकिन मणि ने राजग में शामिल होने की सभी अटकलों को खारिज कर दिया है। हालांकि, उनके विरोधियों का कहना है कि उनके बेटे लोकसभा सदस्य जोस के. मणि को मंत्रिमंडल में पद मिल सकता था।
मणि ने कहा, “हमें महसूस हुआ कि यूडीएफ में कुछ लोग हमारे दुश्मनों के साथ मिलकर हमारे खिलाफ साजिश रच रहे थे और इसलिए हमने उसे छोड़ने का फैसला कर लिया। हमारा फैसला स्वीकार करने के लिए मैं आप सभी का शुक्रगुजार हूं।”
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