केरल : मंदिर हादसे में 112 मरे, न्यायालय ने पुलिस को लताड़ा (राउंडअप)

कोल्लम/तिरुवनंतपुरम, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। केरल के पुत्तिंगल देवी मंदिर में आतिशबाजी के दौरान भयानक आग लगने की घटना के दो दिन बाद यानी मंगलवार को तीन और घायलों ने दम तोड़ दिया। इसके साथ ही हादसे में मृतकों संख्या बढ़कर 112 हो गई है। केरल उच्च न्यायालय ने घटना को रोकने में नाकाम रही पुलिस को फटकार लगाई है।

इस घटना में 350 से अधिक घायल भी हुए हैं। पुलिस ने मंदिर के सात अधिकारियों को गिरफ्तार किया है।

पुत्तिंगल देवी मंदिर की प्रबंधन समिति के पांच सदस्यों ने सोमवार देर रात पुलिस के सामने समर्पण कर दिया था, जिनमें अध्यक्ष पी.एस. जयालाल, सचिव कृष्णनकुट्टी पिल्लई, जे.प्रसाद, सोमसुंदरम पिल्लई और रविंद्रन पिल्लई शामिल हैं। छठे अधिकारी सुरेंद्रन पिल्लई व एक और आरोपी को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया।

इन लोगों से अपराध शाखा की टीम पूछताछ कर रही है, जिसका नेतृत्व कोल्लम अपराध शाखा कार्यालय के पुलिस उपाधीक्षक राधाकृष्णन पिल्लई कर रहे हैं।

इसके पहले पुलिस ने पेरावुर कस्बे में आतिशबाजी के दौरान आग लगने के इस मामले में मंदिर समिति के सदस्यों, आतिशबाजी शो के ठेकेदारों और उनके कर्मचारियों सहित करीब 30 लोगों पर गैर इरातन हत्या का मामला दर्ज किया था।

आतिशबाजी के ठेकेदार सुरेंद्रन के पांच कर्मी पहले ही पुलिस की हिरासत में हैं और उन्होंने पुलिस को छोड़े गए पटाखों की प्रकृति के बारे में बताया है।

इस बीच सुरेंद्रन ने मंगलवार को एक अस्पताल में दम तोड़ दिया। मंदिर में आतिशबाजी का ठेका 67 वर्षीय सुरेंद्रन को मिला था।

पुलिस ने सुरेंद्रन का नाम आरोपियों में दर्ज किया था। उसका बेटा उमेश भी हादसे में 50 प्रतिशत जल चुका है।

घटना में बुरी तरह घायल होने के बाद सुरेंद्रन ने कथित रूप से अपने परिवार वालों से कहा था कि जब वह मर जाए तो विस्फोटकों के लिए उसे मिले लाइसेंस को उसके शव पर रख दिया जाए।

केरल सरकार ने रविवार को ही मामले की न्यायिक जांच और अपराध शाखा को इसकी जांच करने के आदेश दे दिए थे।

केरल सरकार ने पुत्तिंगल मंदिर में हुए हादसे के मद्देनजर गुरुवार को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है। बैठक में आतिशबाजी पर पूर्ण या आंशिक प्रतिबंध लगाने के मुद्दे पर विचार किया जाएगा।

केरल के गृहमंत्री रमेश चेन्निथला ने यहां मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, “बैठक में अन्य बातों के साथ पूर्ण प्रतिबंध की संभावना पर भी चर्चा किया जाएगा।”

सर्वदलीय बैठक 14 अप्रैल को तिरुवनंतपुरम में होगी।

राज्य के कोल्लम जिले में स्थित पुत्तिंगल मंदिर में रविवार को अवैध रूप से की गई आतिशबाजी के कारण भीषण आग लगने से 109 लोगों की मौत हो गई थी और 350 से भी अधिक लोग घायल हो गए थे।

चेन्निथला ने कहा, “ऐसे विचार प्रकट किए जाते रहे हैं कि आंखों को भाने वाला आतिशबाजी प्रदर्शन किया जाना चाहिए और आतिशबाजी की आवाज को न्यूनतम स्तर पर लाया जाना चाहिए, जैसा कि संयुक्त अरब अमीरात और सिंगापुर में होता है।”

चेन्निथला ने कहा कि अवैध रूप से रखी गई या स्वीकृत मात्रा से अधिक विस्फोटक सामग्री को जब्त करने के लिए पुलिस को राज्यभर में छापा मारने का निर्देश दिया गया है।

उन्होंने कहा, “विशु उत्सव नजदीक है। इसे देखते हुए पुलिस को कहा गया है कि विस्फोटक रखने के लाइसेंस के अनुसार सभी नियमों का पालन किया जाए।”

उन्होंने कहा कि मंदिर हादसे की न्यायिक और अपराध शाखा की जांच जल्द से जल्द पूरी की जाएगी और इसके बाद उपयुक्त कार्रवाई की जाएगी।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष कुम्मनेम राजशेखरन ने कहा है कि पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध संभव नहीं है।

राजशेखरन ने संवाददाताओं से कहा, “उचित तंत्र की जरूरत है। इस मामले में उचित सुरक्षा तंत्र पर काम किया जा सकता है।”

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