तिरुवनंतपुरम, 25 नवंबर (आईएएनएस)। केरल सरकार के स्वामित्व वाले ‘केरल सहकारी दुग्ध विपणन संघ’ (केसीएमएमएफ) ने बुधवार को कहा कि दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं, ताकि राज्य में रोज दो लाख लीटर दूध की कमी पूरी की जा सके।
तिरुवनंतपुरम, 25 नवंबर (आईएएनएस)। केरल सरकार के स्वामित्व वाले ‘केरल सहकारी दुग्ध विपणन संघ’ (केसीएमएमएफ) ने बुधवार को कहा कि दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं, ताकि राज्य में रोज दो लाख लीटर दूध की कमी पूरी की जा सके।
केसीएमएमएफ के नवनियुक्त प्रबंध निदेशक स्वागत बी. रणवीरचंद ने राष्ट्रीय दुग्ध दिवस के पूर्व मौके पर आईएएनएस से कहा, “हमारा लक्ष्य आने वाले वर्षो में केरल को दूध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना है। हम यह कोशिश कर रहे हैं कि अधिकाधिक लोग दुधारू पशु का पालन करें।”
देश में श्वेत क्रांति के जनक डॉ. वर्गीज कुरियन की याद में हर साल 26 नवंबर को राष्ट्रीय दुग्ध दिवस मनाया जाता है।
उन्होंने कहा, “हम किसानों को गौशाल बनाने और मवेशी तथा चारा खरीदने के लिए सब्सिडी देते हैं, अधिक उत्पादन के लिए बोनस देते हैं।”
युवा भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी ने कहा, “किसानों को दूध दूहने वालों की कमी का सामना करना पड़ता है। हमने अलप्पुझा में एक पायलट परियोजना चलाई है, जिसमें एक व्यक्ति दूहने वाली मशीन लेकर हर किसान के घर जाता है। यह बेहद सफल रहा है। जल्द ही इसे दूसरे जिले में भी चलाया जाएगा।”
संघ रोज 9.98 लाख लीटर दूध खरीदता है और 12.31 लाख लीटर दूध बेचता है। करीब दो लाख लीटर की कमी की पूर्ति पड़ोसी राज्यों से की जाती है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड (एनडीडीबी) कम कीमत वाली दूहने वाली मशीन बना रहा है।
उन्होंने कहा, “मशीन की कीमत अभी 45 हजार रुपये है। एनडीडीबी की मशीन की कीमत करीब 15 हजार रुपये होगी। हम इसे खरीदने के लिए सब्सिडी भी देंगे।”
केसीएमएमएफ की 80 फीसदी आय दूध बेचकर और शेष 20 फीसदी आय दुग्ध उत्पादों के जरिए होती है।
गत कारोबारी साल में संघ की कुल आय 2,300 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 15.73 करोड़ रुपये हुआ था।
उन्होंने कहा, “हमने लाभ का अधिकांश हिस्सा किसानों को दे दिया। गत पांच साल में दूध की कीमत प्रति लीटर 13 रुपये बढ़ गई है, जिसका 90 फीसदी अंश हमने किसानों को हस्तांरित कर दिया है।”
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