मुंबई, 13 जनवरी (आईएएनएस)। गैर-बैकिंग वित्तीय कंपनी कैपिटल फर्स्ट का आईडीएफसी बैंक के साथ विलय होगा, जो नियामकीय मंजूरी के अधीन है।
शनिवार को की गई आधिकारिक घोषणा में कहा गया है कि दोनों कंपनियों के निदेशक मंडल ने अपनी-अपनी बैठक में कैपिटल फर्स्ट के आईडीएफसी बैंक के साथ विलय को मंजूरी दे दी है।
आईडीएफसी बैंक ने एक बयान में कहा, “यह विलय नियामकों तथा शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर है। आईडीएफसी बैंक, कैपिटल फर्स्ट के प्रत्येक 10 शेयर के बदले 139 शेयर जारी करेगा।”
बयान में कहा गया है, “यह सौदा आईडीएफसी बैंक के समर्पित अवसंरचना वित्तपोषक से विविधतापूर्ण सार्वभौमिक बैंक में बदलने तथा कैपिटल फर्स्ट के सार्वभौमिक बैंक में बदलने के मकसद और रणनीति के अनुरूप है।”
आईडीएफसी बैंक ने बीएसई (बम्बई स्टॉक एक्सचेंज) को एक नियामकीय फाइलिंग में कहा, “आईडीएफसी बैंक के निदेशक मंडल ने कैपिटल फर्स्ट लि., कैपिटल फर्स्ट होम फाइनेंस लि. और कैपिटल फर्स्ट सिक्यूरिटीज लि. के साथ एकीकरण की समग्र योजना को मंजूरी दे दी।”
विनियामकीय फाइलिंग में कहा गया है कि निदेशक मंडल ने बिपिन जेमानी को अंतरिम मुख्य वित्त अधिकारी और प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिक के रूप में नियुक्ति को मंजूरी दे दी, जो कि 13 जनवरी से प्रभावी होगी।
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