वाशिंगटन/लंदन, 13 नवंबर (आईएएनएस)। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने शुक्रवार को ‘जेहादी जॉन’ के मारे जाने की खबर का स्वागत करते हुए इस हमले को आत्म रक्षार्थ कार्रवाई करार दिया।
डेली मेल की एक रपट के मुताबिक, कैमरन ने मोहम्मद एमवाजी के मौत की हालांकि पुष्टि नहीं की, लेकिन कहा कि निशाना एक अच्छे काम के लिए लगाया गया।
वहीं पेंटागन के अधिकारियों ने कहा कि वे 99 फीसदी आश्वस्त हैं कि सीरिया में आतंकवादी समूह की राजधानी राक्का में दुनिया का सर्वाधिक वांछित व्यक्ति मारा गया है।
कैमरन ने कहा कि ब्रिटेन अपने सबसे नजदीकी सहयोगी अमेरिका के साथ उस सबसे खतरनाक आतंकवादी पर नजर रख रहा था, जो ब्रिटेन के एलन हेनिंग व डेविड हेन्स सहित आईएस द्वारा बंदी बनाए गए कई लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार था।
उन्होंने इसे आतंकवादी समूह आईएस के दिल पर वार करार दिया।
10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर एक बयान में प्रधानमंत्री ने कहा कि एमवाजी ब्रिटेन के लोगों सहित निर्दोष लोगों के लिए खतरा था।
उन्होंने कहा, “मैंने हमेशा कहा है कि हम वह सबकुछ करेंगे जो जरूरी होगा। लोगों की जान लेने से रोकने के लिए एमवाजी का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा था।”
प्रधानमंत्री ने कहा, “यह एक संयुक्त प्रयास था और दोनों देशों का योगदान जरूरी था।”
गौरतलब है कि अमेरिकी सुरक्षाबलों ने आतंकवादी संगठन, इस्लामिक स्टेट (आईएस) के आतंकवादी ‘जेहादी जॉन’ को निशाना बनाकर एक हवाई हमला किया, जिसमें संभवत: वह मारा गया है।
समाचार पत्र ‘द गार्जियन’ की एक रपट के मुताबिक, पेंटागन ने कहा है कि सीरिया में मोहम्मद एमवाजी को निशाना बनाकर हवाई हमला किया गया। उसे जेहाजी जॉन के नाम से पुकारा जाता है और उसे आठ बंधकों का सिर कलम करते हुए आईएस के वीडियो में देखा जा चुका है।
पेंटागन के प्रेस सचिव पीटर कुक ने कहा, “ब्रिटिश नागरिक एमवाजी को अमेरिकी पत्रकारों -स्टीवन सोटलॉफ व जेम्स फोले, अमेरिकी सहायता कर्मी अब्दुल-रहमान (पीटर) कासिग, ब्रिटिश सहायताकर्मी डेविड हेन्स व आलम हेनिंग, जापानी पत्रकार केंजी गोतो व एक अन्य बंदी की हत्या करते हुए वीडियो में देखा जा चुका है।”
उन्होंने कहा, “आज रात के अभियान के परिणामों का हम आकलन कर रहे हैं, जिसके बाद हम विस्तृत विवरण मुहैया कराएंगे।”
एमवाजी कुवैत में 1988 में पैदा हुआ था, जिसके बाद सन् 1994 में वह छह साल की उम्र में ब्रिटेन आ गया। उसके माता-पिता ने अगस्त 2013 में उसके लापता होने की रपट पुलिस में दर्ज कराई थी, जिसके चार महीने बाद वह सीरिया में था।
अगस्त 2014 में उसे पत्रकार जेम्स फोले का सिर कलम करते हुए आईएस के एक वीडियो में देखा गया था, जिसमें उसका चेहरा ढंका हुआ था।
मोहम्मद एमवाजी के रूप में उसकी पहचान की पुष्टि फरवरी 2015 में हुई थी।
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