खुसुर-फुसुर— भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश जोशी उम्रदराजी के चलते अब राजनीती के लायक नहीं रहे.वे वरिष्ठ हैं इसका भारतीय परंपरा के अनुसार सभी सम्मान करते हैं लेकिन अपनी तुनकमिजाजी के चलते कैलाश जोशी हमेशा चर्चा में रहते हैं ,तुनकमिजाजी भी तब जब उनसे सही सवाल पुछा जाय तब कैलाश जोशी को गुस्सा आजाता है.यही वाकया कल भाजपा मुख्यालय में हुआ जब कैलाश जोशी किसी मीटिंग की सूचना पर भाजपा मुख्यालय पहुँच गए और पता चला मीटिंग है ही नहीं.जब इस सम्बन्ध में एक वरिष्ठ पत्रकार ने सवाल किया तो महाशय बिफर गए और पत्रकार महोदय को अपने अंदाज में झिड़क दिया.लेकिन बात छुप न सकी और शब्दशः छप गयी.
कैलाश जोशी पहले भी अपने इस कृत्य के लिए विख्यात हैं लेकिन विडम्बना भी है की वे भोपाल के कई दिग्गज भाजपा नेताओं के राजनैतिक गुरु भी रह चुके हैं,जब भी इस तरह की कोई घटना होती है भाजपा के नेता कह देते हैं जाने दो दादा को सब जानते ही हो,प्रश्न यह है की जनता की अगुआई कर सरकारी सुविधा लेने वाले नेताओं का क्या यह व्यवहार उचित है? सिद्ध यह होता है की इन लोगों ने समाज को दिया क्या होगा.
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