नई दिल्ली, 20 जुलाई (आईएएनएस)। इस सप्ताह अमेरिका में कॉटन निर्यात के आंकड़े कमजोर रहने से पिछले सत्र में कॉटन के दाम में आई गिरावट के बाद शुक्रवार को घरेलू वायदा बाजार में सुधार आया।
सुबह के आरंभिक कारोबार में घरेलू वायदा बाजार में कॉटन के सभी सौदों में रिकवरी दर्ज की गई। उधर, हाजिर बाजार में कॉटन का भाव पिछले सत्र में स्थिर था और फिलहाल कोई तेजी या मंदी की संभावना नहीं दिख रही है।
कारोबारियों की नजर इस सप्ताह की बुवाई रिपोर्ट पर होगी जिसमें अच्छी मानसूनी बारिश के बाद सुधार होने की उम्मीद है। गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कॉटन बेल्ट में पिछले दिनों काफी बारिश हुई है।
अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ने से कॉटन के दाम में आई नरमी के बाद जो सुधार का सिलसिला देखा जा रहा था वह गुरुवार को आई अमेरिकी निर्यात की रिपोर्ट के बाद एक बार फिर क्षीण पड़ गई। हालांकि बाजार के जानकार बताते हैं कि भारत कॉटन को आगे फायदा ही मिलने वाला है क्योंकि चीन में अमेरिकी कॉटन 25 फीसदी शुल्क लगने से महंगा हो जाएगा तो भारत से चीन ज्यादा कॉटन खरीदेगा।
कॉटन वायदा मल्टी कमोडिटी एक्स्चेंज पर कॉटन गिरावट के साथ खुलने के बाद शुरुआती कारोबार में सुधरा और अक्टूबर सौदे में 50 रुपये की तेजी के साथ 23,880 रुपये प्रति गांठ पर कारोबार हुआ। अन्य सौदों में भी रिकवरी थी।
हालांकि कॉटन बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सप्ताह के आखिर में कुछ मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है जिसके कारण कॉटन में सीमित दायरे में कारोबार देखने को मिल सकता है।
अमेरिकी कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी कॉटन के निर्यात का आंकड़ा इस सप्ताह पिछले सप्ताह से करीब 12 फीसदी कम है जबकि पिछले चार सप्ताह के औसत से 33 फीसदी कमजोर है।
जबकि चार कॉटन का सबसे दिसंबर वायदा आईसीई पर बीते सत्र में 0.6 फीसदी की कमजोरी के साथ 87.55 सेंट प्रति पाउंड पर बंद हुआ था, हालांकि वायदे में 87.3 से लेकर 88.46 के बीच कारोबार हुआ था।
कॉटन का अक्टूबर डिलीवरी वायदा सौदा गुरुवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 170 रुपये की कमजोरी के साथ 23,740 प्रति गांठ पर बंद हुआ जबकि जुलाई वायदा 180 रुपये की कमजोरी के साथ 22,470 प्रति गांठ पर बंद हुआ था।
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