नई दिल्ली, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। पेट्रोलियम मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत से बुधवार को कहा कि दस्तावेज लीक कांड की जांच के दौरान आरोपियों से बरामद आठ दस्तावेज गोपनीय हैं।
मंत्रालय के एक अधिकारी ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राज कपूर से कहा कि आठ दस्तावेज गोपनीय हैं और आरोपियों से बरामद एक भी दस्तावेज अब सार्वजनिक नहीं है।
दिल्ली पुलिस ने अदालत से कहा कि मामले की जांच के अब खत्म होने की संभावना है और जल्द ही आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा।
कॉरपोरेट जासूसी मामले में राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने 10 अप्रैल को पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस सचिव तथा गृह सचिव से इस बारे में स्पष्ट करने को कहा था कि दस्तावेज लीक मामले में कथित तौर पर बरामद हुए दस्तावेज क्या गोपनीय हैं।
अदालत का यह निर्देश पांच कॉरपोरेट कर्मचारियों की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान आया है, जिसमें उन्होंने पुलिस से यह जानना चाहा है कि दस्तावेज गोपनीय है या नहीं यह सुनिश्चित किए बगैर उन्हें क्यों गिरफ्तार किया गया।
अदालत बुधवार को पांच कॉरपोरेट कर्मचारियों-रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के कॉरपोरेट मामलों के प्रबंधक शैलेश सक्सेना, जुबिलंट एनर्जी के वरिष्ठ अधिकारी सुभाष चंद्रा, एस्सार के उप महाप्रबंधक विनय कुमार, रिलायंस एडीएजी के उप महाप्रबंधक ऋषि आनंद तथा केर्न्स इंडिया के महाप्रबंधक के.के.नायक- की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। ये लोग 14 अप्रैल से न्यायिक हिरासत में हैं।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 20 अप्रैल मुकर्रर की।
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