ब्यूनस आयर्स, 2 जून (आईएएनएस)। अमेरिका में शुक्रवार से शुरू हो रहा कोपा अमेरिका का 100वां संस्करण अर्जेटीना फुटबाल टीम के लिए अपने 20 साल के सूखे को तोड़ने का अच्छा मौका है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, अर्जेटीना ने आखिरी बार 1993 में कोपा अमेरिका खिताब पर कब्जा जमाया था। इसके बाद उसकी झोली में 2004 एथेंस ओलम्पिक में स्वर्ण और 2008 बीजिंग ओलम्पिक में अंडर-23 टीम द्वारा जीता गया स्वर्ण पदक, दो ही आधिकारिक जीत हैं।
अर्जेटीना के लिए निराश करने वाली खबर यह है कि उसके पास इस समय लियोनेल मेसी के रूप में विश्व का नंबर-1 खिलाड़ी है, लेकिन बावजूद इसके वह अपनी टीम को अभी तक कोई बड़ा खिताब नहीं दिला सके हैं।
अर्जेंटीना को 2014 में ब्राजील में खेले गए विश्व कप के फाइनल में हार मिली थी। इसके अलावा उसे 2015 में चिली में खेले गए कोपा अमेरिका में भी हार झेलनी पड़ी थी।
पहली बार दक्षिण अमेरिका के बाहर खेले जाने वाले इस कप में कोच गेराडरे मार्टीनो के मार्गदर्शन में अर्जेटीना एक बार फिर खिताब की प्रबल दावेदार के रूप में उतरेगी।
मेसी के टीम में रहते कोच की कोशिश टीम को एक अलग पहचान दिलाने की होगी।
पिछले कोपा अमेरिका में अर्जेटीना को मेजबान चिली के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।
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