कोलकाता, 15 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय कोयला एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि 2019 तक एक अरब टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य हासिल करने के लिए 20 से 25 अबर डॉलर निवेश जरूरी है।
गोयल ने कहा, “लगभग 20-25 अरब डॉलर का यह निवेश प्रौद्योगिकी, उपकरण, सुविधा उन्नयन और नए खदानों में होने चाहिए।”
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने अभी एक मोटी कल्पना की है।
उन्होंने कहा, “हम कम से कम कीमत पर अधिकाधिक सुरक्षित और उत्तम गुणवत्ता वाले कोयले के लिए विस्तृत प्रौद्योगिकी नवाचार योजना आमंत्रित करेंगे।”
उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कोल इंडिया 70-100 नए खदानों में उत्पादन शुरू करेगी। इसके साथ ही कोल इंडिया मौजूदा खदानों की उत्पादकता बढ़ाएगी और निजी कंपनियों को आवंटन भी करेगी।
उन्होंने कहा, “मेरे अनुमान से राज्य सरकारों को 39 खदानें और निजी कंपनियों को 70-80 खदानें आवंटित की जाएंगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ मौजूदा खदानों की उत्पादन क्षमता 4-5 गुना बढ़ाने की भी योजना बनाई जाएगी। कुछ ऐसे खदानों को बंद कर दिया जाएगा, जिनकी उत्पादकता अधिक नहीं है।
गोयल ने कहा, “मेरे अनुमान के मुताबिक पांच साल बाद कोल इंडिया लिमिटेड दुनिया की सर्वाधिक मूल्यवान खनन कंपनी बन जाएगी।”
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