नई दिल्ली, 13 नवंबर (आईएएनएस)। भारत की मेजबानी में गुरुवार से शुरू हो रही विश्व महिला मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में कोसोवो के हिस्सा लेने पर चल रहे विवाद पर भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा है कि यह वैश्विक मुद्दा है और अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (आईओसी) तथा बाकी देशों को मिलकर इसका समाधान निकालने की जरूरत है।
अजय ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को सरकार तक पहुंचा दिया और इस पर अंतिम फैसला उसी का होगा।
दिल्ली में होने वाली इस चैम्पियनशिप के 10वें संस्करण में कोसोवो की एकमात्र खिलाड़ी डोनजेटा साडिकु हिस्सा लेने वाली हैं। उनके साथ दो प्रशिक्षक भी हैं। इन तीनों को अभी तक वीजा नहीं मिला है।
कोसोवो 2008 में सर्बिया से अलग हो गया था और उसे एक स्वतंत्र देश की मान्यता मिल गई थी। आईओसी ने भी 2014 में इसे अपनी सदस्यता दे दी थी। हालांकि कुछ ऐसे देश हैं जो इस देश को मान्यता नहीं देते हैं। इसी विवाद के चलते कोसोवो की खिलाड़ी का वीजा रुका हुआ है।
कोसोवो के खिलाड़ियों के पास हालांकि अल्बेनिया का पासपोर्ट है लेकिन भारतीय सरकार ने अभी तक उनके वीजा को मंजूरी नहीं दी है।
अजय सिंह ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को विदेश मंत्रालय तक पहुंचाया जो अभी इस पर विचार कर रहा है।
अजय ने कहा, “हम विदेश मंत्रालय से बात कर रहे हैं। मैं इस पर ज्यादा कुछ अभी कह नहीं सकता। यह काफी संवेदनशील मुद्दा है। हम इसे मंत्रालय तक ले गए हैं। यह सिर्फ भारत का मुद्दा नहीं है, यह वैश्विक मुद्दा है। इस पर सभी पक्षों को बात करने की जरूरत है ताकि इस समस्या का समाधान निकल सके। यह सिर्फ मुक्केबाजी की बात नहीं है। यह इससे भी बड़ा मुद्दा है। हम सरकार से बात कर रहे हैं देखते हैं क्या होता है।
अजय ने कहा, “यह उन सभी देशों का मुद्दा है जो कोसोवो को मान्यता नहीं देते हैं। इसलिए हमें आईओसी और ऐसे सभी देशों के बीच बात कर समाधान निकालने की जरूरत है। इसमें कई पश्चिमी, दक्षिण-पूर्वी देश भी हैं। यह ऐसा मुद्दा नहीं है जिस पर सिर्फ बीएफआई बयान दे। हम इस मुद्दे पर आईओसी के नियमों का पालन कर रहे हैं, लेकिन कोसोवो के खिलाड़ियों को वीजा देना या न देना यह सरकार का फैसला है।”
अजय से जब पूछा गया कि क्या उन्होंने आईओसी के किसी अधिकारी से इस मुद्दे पर बात की है तो उन्होंने अपनी बात को दोहराते हुए कहा कि यह मामला बीएफआई से ज्यादा सरकार है क्योंकि वीजा पर अंतिम फैसला उसे ही लेना है।
उन्होंने कहा, “ऐसे मुद्दों पर महासंघ के हाथों में बात नहीं होती। यह चैम्पियनशिप अंतर्राष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (आईबा) के झंडे तले हो रही है और आईबा आईओसी के अधीन है। तो हम सिर्फ आईबा और आईओसी के नियमों का पालन कर रहे हैं, लेकिन वीजा देना या न देना यह सरकार का मुद्दा है। यह बड़ा अंतर्राष्ट्रीय मुद्दा है। कई देश कोसोवो को मान्यता नहीं दे रहे। इस पर आईओसी और इन सभी देशों का बात करने की जरूरत है। हमने अपनी सरकार से बात करते हुए अपना पक्ष रखा है।”
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