नासा ने कहा कि रोवर की यात्रा के नए स्थलों में दो-ढाई किलोमीटर आगे ऑयरन-ऑक्साइड खनिज हेमटिट युक्त पहाड़ियों की श्रंखला और उसके बाद मिट्टी युक्त चट्टानें शामिल हैं।
नासा ने कहा कि यह निचले माउंट शार्प के महत्वपूर्ण अन्वेषण स्थल हैं, जो 5.5 किलोमीटर की ऊंचाई के बहुस्तरीय टीले हैं। यहां रोवर पुराने समय में पानी युक्त वातावरण की मौजूदगी के सबूत जांच रहा है, जो वर्तमान समय के मंगल ग्रह की कठोर व सूखे से ग्रस्त सतह के विपरीत रहा है।
नासा जेट प्रोपल्सन लैबोरेटरी के रोवर परियोजना वैज्ञानिक अश्विन वसावदा बताते हैं, “हम लगातार माउंट शार्प पर उच्च और छोटी परतों तक पहुंच रहे हैं। पहाड़ और उसके आसपास चार साल के अनुसंधान के बाद भी यह हमें पूरी तरह से आश्चर्यचकित करने की क्षमता रखता है।”
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