न्यूयार्क, 27 अगस्त (आईएएनएस)। खगोलविदों के एक अंतर्राष्ट्रीय दल ने एक विशाल आकाशगंगा की खोज की है जो कि पूरी तरह से डार्क मैटर से बना है।
न्यूयार्क, 27 अगस्त (आईएएनएस)। खगोलविदों के एक अंतर्राष्ट्रीय दल ने एक विशाल आकाशगंगा की खोज की है जो कि पूरी तरह से डार्क मैटर से बना है।
ड्रैगनफ्लाई 44 नाम की यह आकाशगंगा कोमा नक्षत्र के पास स्थित है और इसकी असामान्य संरचना के कारण पिछले साल तक इसकी अनदेखी की गई थी।
शोधकर्ताओं ने बताया कि यह आकाशगंगा के आकार का है और इसका फैलाव एक गोले की तरह का है और इसके सितारों की संख्या काफी ज्यादा कम है।
प्रमुख शोधार्थी अमेरिका के कनेक्टिकट के न्यू हावेन स्थित येल यूनिवर्सिटी पीटर वॉन डोक्कम ने बताया, “इसकी खोज के तुरंत बाद, हमें महसूस हुआ कि यह आकाशगंगा उससे कहीं ज्यादा है जितना हमारी आंखें इसे देख पा रही है। इसके इतने कम सितारे थे कि यह बिखर जाता, लेकिन यह नहीं बिखर रहा है क्योंकि कोई चीज है जो सबको साथ रख रही है।”
ड्रैगनफ्लाई 44 का द्रव्यमान सूर्य के द्रव्यमान का लगभग एक लाख करोड़ गुणा है, जोकि हमारी आकाशगंगा के द्रव्यमान के बराबर है।
हालांकि इसका केवल एक फीसदी का सौवां हिस्सा ही सामान्य पदार्थ का बना है, जबकि बाकी का 99.9 फीसदी हिस्सा डार्क मैटर से बना है। डार्क मैटर को हालांकि अभी तक देखा नहीं जा सका है, लेकिन अंतरिक्ष का 90 फीसदी हिस्सा इसी से बना है।
यह शोध एस्ट्रोफिजिकल जर्नल लेटर्स में प्रकाशित किया गया है।
वॉन डोक्कम के दल ने ड्रैगनफ्लाई 44 को सही तरीके से डब्ल्यू. एम. कीक ऑबजर्बेटरी और जेमिनी नार्थ टेलीस्कोप से सही तरीके से देखा और दोनों ही दूरबीनें हवाई में स्थित है।
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