नई दिल्ली, 18 सितम्बर (आईएएनएस)। घरेलू उद्योग की सुरक्षा के लिए शुक्रवार को सरकार ने खाद्य तेल पर आयात शुल्क पांच फीसदी बढ़ा दिया।
केंद्रीय उत्पाद और सीमा शुल्क बोर्ड ने यहां एक अधिसूचना में कहा कि सभी श्रेणियों के खाद्य तेलों पर आयात शुल्क पांच फीसदी बढ़ा दिया गया है।
कच्चे खाद्य तेल पर शुल्क 7.5 फीसदी से बढ़ाकर 12.5 फीसदी तथा रिफाइंड खाद्य तेल पर इसे 15 फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी कर दिया गया है।
प्रमुख उद्योग संघ, एसोचैम ने गुरुवार को कहा था कि कमजोर मानसून के कारण मौजूदा कारोबारी साल में खाद्य तेल का आयात बढ़कर 14 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मानसूनी बारिश अब तक दीर्घावधि औसत से 12 फीसदी कम रही है।
एसोचैम द्वारा कराए गए अध्ययन में कहा गया है, “इसलिए अगर यह माना जाए कि तिलहन उत्पादन 2015-16 में 2014-15 के स्तर पर रहता है और यदि मांग बढ़ती है, तो 2015-16 में खाद्य तेल आयात खर्च बढ़कर 14 अरब डॉलर हो जाएगा, जो गत वर्ष 10 अरब डॉलर था।”
यह खर्च 2013-14 में 7.2 अरब डॉलर और इसके अगले साल में 46 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई थी।
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