नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को एक बार फिर दोहराया कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का कोई मामला नहीं है। जबकि विपक्ष उनसे इस्तीफे की मांग पर अड़ा रहा। इस कारण राज्यसभा की कार्यवाही कई बार बाधित हुई।
राज्यसभा में गडकरी ने कहा कि यदि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले साबित होते हैं, तो वह केवल मंत्री पद से ही नहीं बल्कि संसद की सदस्यता से भी इस्तीफा दे देंगे।
सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच टकराव व विस्तृत स्पष्टीकरण के बाद कांग्रेस के सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया और कहा कि वह मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हैं।
गडकरी ने कहा, “जब आप भ्रष्टाचार के बारे में बात करते हैं, तो यह आपको शोभा नहीं देता। यहां तक कि अगर मेरे खिलाफ एक रुपये के भी भ्रष्टाचार का मामला साबित हो जाता है, तो केवल मंत्री पद ही नहीं, बल्कि संसद की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दूंगा।”
मंत्री ने कहा कि पूर्ति समूह ने महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में किसानों की खुदकुशी रोकने काम शुरू किया था और यह चीनी, इथेनॉल तथा बिजली के निर्माण की परियोजना थी।
गडकरी ने कहा, “लेकिन इसके शुरू होने के बाद विदर्भ में चार चीनी मिलें बंद हो गईं। यह एकीकृत परियोजना थी। हमने कोई कानून नहीं तोड़ा या कोई गलत रपट नहीं दी। हमने सभी ऋण चुकता किए।”
उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा, “क्या ऋण लेना या चुकता करना भ्रष्टाचार है? रपट में न तो मेरे खिलाफ कोई टिप्पणी है और न ही भ्रष्टाचार का कोई आरोप। आप नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रपट में हेरफेर कर रहे हैं।”
इस बीच, सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच गरमागरम बहस जारी रही, जिसके कारण सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित हुई।
सदन के नेता अरुण जेटली ने कहा कि कांग्रेस सदन की कार्यवाही जानबूझ कर बाधित कर रही है, क्योंकि वह कुछ विधेयकों को पारित नहीं होने देना चाहती।
गडकरी पहले ही वित्तीय लेन देन में पूर्ति समूह या खुद के किसी तरह की गड़बड़ी में शामिल होने से इंकार कर चुके हैं।
जेटली ने हालांकि कहा, “लोक लेखा समिति (पीसीए) सीएजी की रपट पर चर्चा करेगी।”
जेटली ने कहा, “यह कोई बड़ा मुद्दा नहीं है..आप सदन की कार्यवाही चलने देना नहीं चाहते, क्योंकि कुछ विधेयक हैं, जिन्हें आप पारित नहीं होने देना चाहते।”
इसके बाद विपक्ष ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया और पूर्वाह्न् 11.30 बजे तक के लिए सदन को पहली बार और उसके बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए दूसरी बार स्थगित किया गया।
दोपहर में सदन की कार्यवाही जब फिर से शुरू हुई, तब भी स्थिति पूर्ववत बनी रही और कांग्रेस सदस्यों ने हाथ में तख्तियां लेकर सभापति की आसंदी के सामने हंगामा किया, जिसके बाद अपराह्न् 12.30 बजे तक के लिए सदन की कार्यवाही फिर से स्थगित कर दी गई।
संसदीय मामलों के राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयारी है।
गडकरी के स्पष्टीकरण के बाद नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा कि इस तरह का माहौल बनाया जा रहा है कि विपक्ष विधेयकों को पारित होने से रोकने के लिए मुद्दे उठा रही है।
यह कहते हुए कि वे गडकरी के जवाब से संतुष्ट नहीं हैं, कांग्रेस के सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया।
इसके बाद सदन में विधायी कामकाज हुए।
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