रियो डी जेनेरियो, 7 अगस्त (आईएएनएस)। ओलम्पिक खेलों में एथलीट की ओर से प्रदर्शन में हुई एक भी गलती, उसके लक्ष्य पर पानी फेर सकती है। ऐसा ही कुछ स्पेन के तैराक मिगुएल डुरान नाविया के साथ भी हुआ, लेकिन उनके साथ हुई घटना कुछ अलग ही रही।
मिगुएल के साथ कुछ ऐसा हुआ, जिसने ओलम्पिक खेलों में प्रदर्शन की उनकी उम्मीदों को टूटने से बचा लिया।
रियो ओलम्पिक में पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा की हीट में मिगुएल ने गलत शुरुआत की, जिसके कारण उन्हें रियो ओलम्पिक से बाहर कर दिया गया। अपनी गलती का एहसास कर स्पेनिश तैराक की सारी उम्मीदें धराशाई हो गईं।
रियो ओलम्पिक से बाहर होने के कारण मिगुएल काफी रोये और जैसे ही वह तैराकी एरेना से वापसी की तैयारी करने लगे, उस दौरान कुछ ऐसा हुआ जो स्वयं उनके लिए भी काफी चौंका देने वाला था।
निर्णायकों के अनुसार, स्पर्धा को देखने आई भीड़ की आवाजों के कारण मिगुएल ने गलत शुरुआत की। इस फैसले का साफ मतलब यहीं था कि स्पेनिश तैराक को रियो ओलम्पिक में हिस्सा लेने का दूसरा मौका दिया गया।
मिगुएल इस फैसले से काफी खुश थे। उनकी उम्मीदें टूटती-टूटती बच गईं। उन्होंने कहा, “मैंने स्टैंड से कुछ सुना और उसके बाद तैरना शुरू कर दिया। यह गलत शुरुआत थी।”
मिगुएल ने कहा कि उनकी इस गलती के बाद उन्हें लगा कि वह बाहर हो गए हैं, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। हालांकि, वह 400 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा के फाइनल में नहीं पहुंच सके।
स्पेनिश तैराक को आठ अगस्त को पुरुषों की चार गुणा 200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले में हिस्सा लेंगे। मिगुएल ने कहा, “जो कुछ भी हुआ, उससे मेरे ध्यान पर प्रभाव पड़ा। मुझे जहां होना चाहिए था, मैं वहां नहीं हूं। आशा है कि रिले में ऐसा न हो।”
dharmpath.com dharmpath