हरिद्वार, 21 जून (आईएएनएस)। अमेरिका, ब्रिटेन, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, मलेशिया सहित 60 देशों में गायत्री परिवार और देव संस्कृति विश्वविद्यालय के योगाचार्यों ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर भारतीय संस्कृति का शंखनाद किया।
यहां जारी एक बयान के अनुसार, शांतिकुंज और देसंविवि के योगाचार्यों ने 25 देशों के दूतावासों में विभिन्न देशों के राजनयिकों से लेकर मुम्बई में नौसेना के बहादुर जवानों तक को योग की ताकत से परिचय कराया। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के अर्थशास्त्रियों से लेकर आईआईटी तकनीकविदों तक को योग की शक्ति के दर्शन कराए।
बयान में कहा गया है कि राजपथ पर गायत्री परिवार के तीन हजार योग साधकों ने उपस्थित रहकर कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में योग दिवस के मुख्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या ने कहा कि योग ने आज अपने नाम को सार्थक करते हुए दिखा दिया है कि इसमें दुनिया को जोड़ने की शक्ति है।
उन्होंने कहा कि शांतिकुंज के संस्थापक पं. श्रीराम शर्मा आचार्य ने बरसों पहले प्रज्ञा योग के जरिए योग के सरल और प्रभावी युगानुकूल रूप को जन जन तक पहुंचाने की एक मौन क्रांति की, जिसका अभ्यास आज किया गया।
देसंविवि के कुलाधिपति डॉ. पण्ड्या ने प्रतिदिन योग करने के अलावा योग दिवस पर प्रतिवर्ष वृक्षारोपण करने का संकल्प भी दिलाया।
इससे पहले शांतिकुंज में गायत्री परिवार और देसंविवि के 5000 प्रतिनिधियों ने अपने जटिल लेकिन सुन्दर आसनों के जरिए लोगों को मंत्रमुग्ध किया।
इस बीच राजपथ पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में विशिष्ट तौर पर आमंत्रित देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने भागीदारी की।
dharmpath.com dharmpath