गीता पर सबका अधिकार है, यह सिर्फ मेरा नहीं है। यह समाज देश के लिए लिखा गया है। यह सबके समझ में आ जाये, इसलिए इसका हिन्दी रूपांतर हुआ है। इसके प्रसारण पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज ने सेक्टर आठ स्थित यथार्थ गीता शिविर में प्रवचन के दौरान यह विचार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि मनुष्य गीता का सुबह शाम-जाप करे तो उसका निश्चित ही कल्याण होगा। उन्होंने गीता की व्याख्या सरल, आम आदमी के समझ में आने वाले शब्दों के महत्व पर बल देते हुए कहा कि गीता व्यक्ति जितना ही अधिक समझेगा उतना ही देश की उन्नति होगी।
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