नई दिल्ली, 15 दिसम्बर (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी(जीपीसीसी) की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें चुनाव आयोग को यह निर्देश देने की मांग की गई थी कि गुजरात विधानसभा चुनाव की 20 प्रतिशत मतगणना इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन(ईवीएम) में लगे (वोटर वैरीफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल) वीवीपैट के जरिए कराई जाए।
प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए. एम. खानविलकर और न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ की खंडपीठ ने कहा, “हम तबतक चुनाव आयोग के निर्णय को बदल नहीं सकते जबतक आप यह साबित न कर दें कि चुनाव आयोग का निर्णय या तो मनमाना है या तो कानून के अनुसार नहीं है।”
जीपीसीसी सचिव मोहम्मद आरिफ राजपूत की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि यहां तक कि चुनाव आयोग ने भी आशंका जताई है और केवल एक मतदान केंद्र पर गिनती करने की इजाजत दी है, जो गुजरात में 50,000 मतदाता केंद्रों में से केवल 0.00001 प्रतिशत है।
याचिकाकर्ता को याचिका वापस लेने की अनुमति देते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने राजपूत से सर्वोच्च न्यायालय में वीवीपैट के संबंध में चुनाव सुधार की मांग करते हुए सीधे मूल(सब्सटांटिव) याचिका दाखिल करने के लिए कहा।
dharmpath.com dharmpath