गुवाहाटी, 25 जनवरी (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू करने की केंद्रीय मंत्रिमंडल की सिफारिश की सोमवार को निंदा की और इसे लोकतंत्र और सहकारी संघवाद की भावना के खिलाफ बताया है।
गोगोई ने अपने आवास पर एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करना सही नहीं है, क्योंकि वहां पर कानून-व्यवस्था में कोई गंभीर अव्यवस्था नहीं हुई है।
गोगोई ने कहा, “अरुणाचल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से ही राजनीतिक संकट की स्थिति है। यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीन है और शीर्ष अदालत ने यह मामला अपनी एक संविधान पीठ को सौंप दिया है और इसकी सुनवाई जारी है। सुनवाई की अगली तारीख दूर नहीं है और मंत्रिमंडल को कम से कम सुनवाई की अगली तारीख तक इंतजार करना चाहिए था।”
गोगोई ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की केंद्र सरकार को इस पूरे मामले के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि भाजपा असम, मिजोरम, मणिपुर और क्षेत्र में हर जगह यही करने की कोशिश कर रही है।
गोगोई ने कहा, “यह केंद्र की राजग सरकार के तानाशाहीपूर्ण रवैये को दर्शाता है।”
ज्ञात हो कि केंद्र सरकार ने अरुणाचल प्रदेश में राजनीतिक संकट के बीच राज्य में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की है।
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