हैदराबाद, 22 जून (आईएएनएस)। तेलंगाना एवं आंध्र प्रदेश में लगातार तीसरे दिन सोमवार को हो रही भारी बारिश को देखते हुए दोनों राज्यों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
तेलंगाना के खम्माम जिले में एवं आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में गोदावरी एवं इसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई गांव राज्य के बाकी हिस्सों से कट गए हैं।
खम्माम जिले के भद्राचलम में गोदावरी का जलस्तर सोमवार सुबह नौ बजे 37 फुट तक पहुंच गया और नदी का पानी तट पर बसे गावों तक पहुंच गया।
उधर, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में हो रही भारी बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने अभी और बारिश होने का अनुमान जताया है।
छत्तीसगढ़ में हो रही लगतार भारी बारिश के कारण खम्माम में गोदावरी की सहायक नदी तलिपेरु और उसके आसपास विस्तृत तलिपेरु जलाशय में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है। अधिकारियों ने जलाशय के 22 फाटक खोल दिए हैं।
खम्माम में ही चीकूपल्ली जलधारा में जलस्तर बढ़ने से गांवों से संपर्क टूट गया है।
खम्माम जिले से भारी मात्रा में गोदावरी में पानी छोड़े जाने से आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में गोदावरी नदी में बाढ़ आ गई है और राजमुंदरी के पास डॉवलेश्वरम बांध में जलस्तर 7.7 फुट तक पहुंच चुका है।
निचले इलाके के गांवों में बाढ़ के खतरे को देखते हुए पूर्वी गोदावरी जिले के जिलाधिकारी अरुण कुमार ने सर्तक रहने और प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की है।
पूर्वी गोदावरी जिले के कोनासीमा में गोदावरी का जलस्तर किसानों के लिए फसलों की बर्बादी को लेकर चिंता का विषय बना हुआ है।
मौसम विभाग के मुताबिक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश दक्षिण पश्चिम मानसून और ओडिशा के दक्षिण तट से रविवार को गुजरे विक्षोभ से हो रही है।
विशाखापत्तनम के चक्रवात चेतावनी केंद्र का कहना है कि तेज आंधी 45-55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंध्र प्रदेश के दक्षिण एवं उत्तरी तट की ओर बढ़ रही है।
मछुआरों को समुद्र में नहीं उतरने की चेतावनी जारी की गई है।
चक्रवात चेतावनी केंद्र के मुताबिक, कलिंगपट्टनम, भीमुनीपट्टनम, विशाखापत्तनम, गंगवरम, काकीनाडा और मछलीपट्टनम बंदरगाहों में तूफान की चेतावनी जारी कर दी गई है।
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