बांडो (जापान), 23 सितम्बर (आईएएनएस)। भारतीय गोल्फ खिलाड़ी गगनजीत भुल्लर को उम्मीद है कि गुरुवार से शुरू हो रहे एशिया-प्रशांत ओपन मित्सुबिशी डायमंड कप में उनकी मेहनत रंग लाएगी।
एशियन टूर में पांच बार विजेता रहे भुल्लर हालांकि इस वर्ष खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं और मौजूदा सत्र में अब तक नौ प्रतियोगिताओं में सिर्फ एक में कट हासिल कर सके हैं।
भुल्लर को हालांकि पूरा विश्वास है कि एशियन टूर और जापान गोल्फ टूर द्वारा संयुक्त रूप से मान्यता प्राप्त 12 लाख डॉलर इनामी राशि वाले टूर्नामेंट में दमदार वापसी करने में सफल होंगे।
भुल्लर को इस टूर्नामेंट में गत चैम्पियन जापान के हिरोयूकी फुजिता, शानदार फॉर्म में चल रहे तथा पिछले सप्ताह ही जापान ओपन जीतने वाले रॉय इशिकावा, हमवतन एस. एस. पी. चौरसिया, अमेरिका के जैसन क्नूतजोन और 2011 के ऑर्डर ऑफ मेरिट विजेता फिलीपींस के जुविक पागुंसान की चुनौतियों का सामना करना होगा।
भुल्लर ने कहा, “पिछले तीन-चार महीनों से मैं हर रोज कठिन अभ्यास कर रहा हूं। अब तक मैं इच्छानुसार कट हासिल नहीं कर सका, जिसके पीछे कोई वाजिब वजह नहीं है। यह स्विंग में बड़ा बदलाव लाने वाली बात नहीं है बल्कि मूलभूत चीजों में सुधार लाना है। एक बार मैं इसे अपने मस्तिष्ट में बिठाने में सफल रहा तो परिणाम में परिवर्तन नजर आने लगेगा।”
भुल्लर ने कहा, “मुझे दाहिने से बाएं होल पर ड्राइव में परेशानी होती रही है। इसी वजह से मैंने परिवर्तन लाने के बारे में सोचा। गोल्फ में सबसे अहम बात है लगातार चीजों को दोहराना।”
dharmpath.com dharmpath