पणजी, 26 फरवरी (आईएएनएस)। गोवा में होने वाली कोंकणी गायन प्रतियोगिता में गाने को लेकर विवाद पैदा हो गया है। इसमें भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार की उपलब्धियों का बखान करने वाले गीत पेश किए जाने हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता सुनील कावथांकर ने गुरुवार को आईएएनएस को बताया कि कोंकणी कांतारम उत्सव का आयोजन सूचना एवं प्रचार विभाग और राज्य सरकार से सहायता प्राप्त तिआत्र एकेडमी ऑफ गोवा संयुक्त रूप से कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके जरिए गोवा के अल्पसंख्यक रोमन कैथलिक समूह को गुमराह करने की कोशिश की गई है। कोंकणी भाषा में गाए जाने वाले कांतार गाने इसी समुदाय में अधिक प्रचलित हैं।
कावाथांकर ने कहा, “यह अलोकप्रिय सरकार गलत तरीके से खुद को बढ़ावा देने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है, खासतौर से उस समय जब चुनाव होने वाले हैं।”
प्रदेश की 15 लाख की कुल आबादी का चौथाई हिस्सा रोमन कैथलिक समुदाय का है।
स्थानीय अखबारों में बुधवार को 8 मार्च को होने वाली इस प्रतियोगिता के लिए “एकल, युगल, तिकड़ी, चौकड़ी, कोरस” गायन में भाग लेने के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया गया था।
इस विज्ञापन में कहा गया, “वर्तमान सरकार की उपलब्धियों और कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित विशेष कांतारम गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य लोगों तक सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं को पहुंचाना है। ”
इसके विजेताओं को 25,000 रुपये के नगद इनाम दिए जाएंगे।
लेकिन, सरकार ने कांतारम प्रतियोगिता का बचाव किया है। राज्य के सूचना एवं प्रचार विभाग के सूचना अधिकारी जान आगुएयर ने कहा, “हमारी कोशिश है कि सरकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाया जाए। इस आयोजन का यही मकसद है। इससे युवा गायकों को बढ़ावा भी मिलेगा।”
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