गोवा में संपूर्ण गोवंश हत्या बंदी कानून लागू होने हेतु लडेंगे ! – हनुमंत परब, गोवंश रक्षा अभियान, गोवा

ABHA_D16_Ph1फोंडा (गोवा) – गोवा के पशुवधगृहों तथा गोवा में कर्नाटक से प्रतिदिन होनेवाला 30 से 40 टन गोमांस का आयात बंद हो, इस हेतु गोरक्षक प्रयत्नशील हैं; परंतु शासन से अपेक्षित प्रतिसाद नहीं मिल रहा । गोशाला के लिए अर्थसंकल्प में प्रावधान किया गया है, तब भी एक पैसा भी खर्च नहीं किया गया । इसके विपरीत पशुवधगृहों के नूतनीकरण हेतु गोवा शासन 13 करोड रुपए खर्च कर रहा है । शासन की ओर से अल्पसंख्यक तथा गोहत्या करनेवालों का तुष्टिकरण किया जा रहा है । अब चाय पे चर्चा नहीं, गाय पे चर्चा करनी पडेगी । जबतक गोवा में गोवंशहत्याबंदी कानून लागू नहीं होता, तबतक हमारी लडाई चलती रहेगी, ऐसा गोवा के गोवंश रक्षा अभियान के अध्यक्ष श्री. हनुमंत परब ने कहा । गोवा में चल रहे अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन के छठवें दिन गोरक्षा तथा धर्मरक्षा संबंधी सत्र में वे बोल रहे थे ।

विश्‍व का विनाश केवल गाय ही रोक सकती है !
– गव्यसिद्धाचार्य निरंजनकुमार वर्मा, संस्थापक, महर्षि वाग्भट्ट गोशाला, तमिलनाडु

68 वर्ष पूर्व देश में 32 करोड गाएं थीं । आज गायों की संख्या केवल ३ करोड ही बची है । गायों की घटती संख्या से भारत की आर्थिक स्थिति भी डगमगा रही है । भारत गोसंवर्धन करता, तो गायों की संख्या आज 3 हजार 808 करोड होती । पंचमहाभूतों के कारण पृथ्वी संतुलित रहती है । आजकल हो रहे कथित विकास के कारण वायु, जल, भूमि प्रदूषण में अनेक गुना वृद्धि हुई
है । पंचमहाभूतों के शुद्धीकरण करने का सामर्थ्य केवल गायों में ही है, यह बात वैज्ञानिक स्तर पर सिद्ध हो चुकी है । गोमय, गोमूत्र और गोपंचगव्य से कोई भी रोग ठीक हो सकते है । गाय हर परिस्थिति में रह लेती है, इसलिए गोपालन करना कठिन नहीं है, ऐसा गव्यसिद्धाचार्य निरंजनकुमार वर्मा ने कहा ।
अखिल भारतीय हिन्दू महासभा के प्रदेश महामंत्री डॉ. दिलीपकुमार नाथानी कहा, संस्कृत को भारत की राष्ट्रभाषा बनाने की आवश्यकता है । पूर्व में यही पूरे विश्‍व की भाषा थी । विश्‍व के अनेक पश्‍चिमी विद्वानों ने संस्कृत की प्राचीनता और महानता विशद की है । विदेशी शोधकर्ताओं के अनेक शोधकार्यों का संस्कृत भाषा के प्राचीन ग्रंथों में उल्लेख है । भारत में हमारी प्रथम भाषा संस्कृत होनी चाहिए । संस्कृत प्रशिक्षणवर्ग के लिए मैं निःशुल्क सेवा करूंगा ।
इस प्रसंग में अपने प्राणों की चिंता किए बिना गोरक्षा का कार्य करनेवाले नंदूरबार (महाराष्ट्र) के डॉ. नरेंद्र पाटील, गोवा के एनिमल रेस्क्यू स्क्वाड के श्री. अमृत सिंह, गोवंश रक्षा अभियान के श्री. हनुमंत परब को गव्यसिद्धाचार्य निरंजनकुमार वर्मा के शुभहस्तों सम्मानित किया गया । तेलंगाना में गोरक्षा दल के अध्यक्ष श्री. नरेश कुमार ने कहा कि वे भी तेलंगाना में गोवंशहत्याबंदी कानून लागू कराने का प्रयत्न करेंगे । नंदुरबार में अवैध पशुवधगृह बंद कराने के लिए दी गई सफल लडाई के विषय में सनातन संस्था के प्रसारसेवक पू. नंदकुमार जाधव ने उपस्थितों को अवगत कराया ।

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