पणजी, 31 अगस्त (आईएएनएस)। गोवा विधानसभा ने बुधवार को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक, 2016 को अनुसमर्थन देने के लिए पेश एक प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया। इसके बाद विधेयक को राष्ट्रपति से स्वीकृति मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। यह विधेयक संसद के मानसून सत्र में पारित हो चुका है।
मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर ने कहा कि जीएसटी विधेयक को अनुसमर्थन देने वाली 15वीं राज्य विधानसभा है। इसके साथ ही विधेयक को 15 राज्यों का अनुसमर्थ मिल गया है, जिससे राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
विधेयक को विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान पारित किया गया। विधेयक पर दो घंटे तक चली बहस के दौरान सदस्यों ने राज्य को होने वाली संभावित क्षति का मुद्दा उठाया।
गोवा मुख्य रूप से एक सेवा क्षेत्र उन्मुख राज्य है, न कि विनिर्माण करने वाला राज्य।
हालांकि पारसेकर ने आशंकाओं का निराकरण कर दिया और कहा कि सेवाएं सस्ती होने से अधिक पर्यटक आएंगे, जिससे राज्य को लाभ होगा।
मुख्श्मंत्री ने कहा, “हम इस बात पर कायम हैं कि हर साल राज्य को 1000 करोड़ रुपये का लाभ होगा। व्यापार करना आसान होने से व्यापार बढ़ेगा और विकास दर बढ़ेगी। केंद्रीय करों में हमारी हिस्सेदारी बढ़ेगी और सेवा कर एवं अन्य केंद्रीय करों का हमें पचास प्रतिशत हिस्सा मिलेगा।”
पहले विधेयक का समर्थन करते हुए कई विपक्षी नेताओं ने केंद्र पर राज्य की बढ़ती निर्भरता के साथ प्रत्याशित राजस्व क्षति के मुद्दे पर चिंता जताई थी।
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