नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सिद्धांतकार के.एन. गोविंदाचार्य ने मंगलवार को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की भूमि अधिग्रहण नीति को इसकी पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की नीतियों से बदतर बताया।
गोविंदाचार्य ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीयत पर कोई संदेह नहीं है, मगर उनकी नीतियां संदेहास्पद हैं।”
उन्होंने कहा, “भूमि अधिग्रहण नीति सिर्फ मुआवजे के आधार पर तैयार की गई है। संप्रग की नीति का हिस्सा रही ग्राम सभाओं एवं जनहित को नजरअंदाज किया गया है।”
गोविंदाचार्य ने मोदी सरकार की नीतियों पर उंगली उठाते हुए ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को राष्ट्रहित की कीमत पर विदेशियों को मुनाफा पहुंचाने का ‘लाइसेंस’ बताया।
उन्होंने कहा कि वह और सरकार में मौजूद लोग भी सरकार की नीतियों को समझ पाने में असमर्थ हैं।
गोविंदाचार्य ने कहा, “मेक इन इंडिया कार्यक्रम और ‘स्मार्ट सिटी’ परियोजना से न गरीब और न आदिवासी को लाभ होगा। ऐसा लगता है कि यह सरकार सही तरीके से होम वर्क किए बिना निर्णय ले रही है। यह सरकार शासन के बुनियादी नियमों तक का पालन नहीं कर रही है।”
उन्होंने कहा, “मोदी सरकार को सत्ता में आए एक साल पूरा होने वाला है, लेकिन यह अपनी पूर्ववर्ती सरकारों से जरा भी अलग नहीं दिखती। सरकार के पास अभी भी चार साल बचे हैं। चलिए उम्मीद करते हैं कि वे लोगों की उन इच्छाओं को पूरा करेगी, जिन्हें पिछले लोकसभा चुनावों के दौरान उसने पूरा करने का वादा किया था।”
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