श्रीनगर, 11 फरवरी (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के संस्थापक मकबूल भट्ट की बरसी पर अलगाववादियों द्वारा जारी विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर प्रशासन ने श्रीनगर और घाटी के अन्य प्रमुख शहरों में गुरुवार को जगह-जगह रोक लगा रखी है।
भट्ट को 11 फरवरी, 1984 को दिल्ली की तिहाड़ जेल में फांसी दी गई थी।
घाटी में गुरुवार को अलगाववादियों ने बंद और विरोध प्रदर्शनों का आह्वान किया है।
जेकेएलएफ ने श्रीनगर के मध्यम में स्थित लाल चौक तक विरोध जुलूस का भी आह्वान किया है।
प्रशासन ने बुधवार को लाल चौक के आसपास कर्फ्यू लगा दिया था जो गुरुवार भी जारी है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “श्रीनगर के रैनावाड़ी, खानयार, नौहट्टा, एम.आर.गंज, साफा कदल, क्रालखुद और मैसुमा क्षेत्रों में कानून एवं व्यवस्था को बनाए रखने के लिए प्रतिबंध लगाए रखा है।”
उत्तरी कश्मीर के सोपोर, बारामूला, त्रेगाम और कुछ अन्य कस्बों में प्रतिबंध लगाए गए हैं।
पुलिस सूत्रों ने कहा, “पुलवामा, कुलगाम, अनंतनाग और शोपियां कस्बों में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षाबल की उचित तैनाती की गई है।”
बारामूला और बनिहाल के बीच रेल सेवाएं रद्द कर दी गई हैं।
श्रीनगर में विरोध प्रदर्शनों की अगुवाई करने की वजह से प्रशासन जेकेएलएफ के अध्यक्ष यासीन मलिक को हिरासत में ही रखा जाएगा। वे पिछले तीन दिनों से हिरासत में ही हैं।
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