चंडीगढ़, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। पंजाब में अपनी धार्मिक पुस्तक के अपमान को लेकर प्रदर्शनरत सिखों ने शनिवार को चंडीगढ़ के पास अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
धार्मिक पुस्तक के अपमान के विरोध में प्रदर्शन और उसके बाद की हिंसक घटनाओं में दो लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हो गए हैं।
प्रदर्शनकारी सिख नेताओं ने जलंधर में विभिन्न सिख संगठनों की शनिवार की बैठक में आगे की दिशा तय करने की बात कही।
प्रदर्शनकारियों ने एक कटोरा रक्त भी एकत्र किया और इसे चंडीगढ़ पुलिस को सौंप दिया, जिसे मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को भेजा जाना है।
प्रदर्शनकारी शुक्रवार दोपहर मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे थे, जब मोहाली-चंडीगढ़ नाके पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया था। उन्होंने यहां से 60 किलोमीटर दूर सरहिंद के पास गुरुद्वारा फतेहगढ़ साहिब से अपना मार्च शुरू किया था।
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने वहीं धरना शुरू कर दिया था, जिसे उन्होंने शनिवार सुबह समाप्त कर दिया।
अकाली दल के सांसद प्रेम सिंह चंदुमाजरा तथा पंजाब के वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा ने शुक्रवार को नाके पर ही प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की थी।
सिख ग्रंथी रंजीत सिंह की अगुवाई में प्रदर्शनकारी सिखों की धार्मिक पुस्तक के अपमान के आरोप में गिरफ्तार दो भाइयों की रिहाई, दो युवकों पर गोलीबारी करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और सिखों के शीर्ष ग्रंथी को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं।
पंजाब में धार्मिक पुस्तक के अपमान को लेकर पिछले दिनों हिंसक प्रदर्शन देखा गया। प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर सड़कें जाम कर दी। प्रशासन ने हिंसक प्रदर्शन को देखते हुए पांच जिलों में अर्धसैनिक बलों की तैनाती की है।
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