न्यूयार्क, 25 सितम्बर (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र की 70वीं वर्षगांठ के दौरान ग्लोबल इंटरफेथ वाश एलांयस के सहसंस्थापक स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने संयुक्त राष्ट्र, विश्व बैंक समूह, अन्य बहुउद्देशीय संगठनों एवं धार्मिक संगठनों द्वारा आयोजित अंतरधर्म सभा को संबोधित किया।
पोप फ्रांसिस के संबोधन की पूर्व संध्या पर ‘चरम गरीबी को दूर करने हेतु नैतिक दायित्व तथा निर्वहन युक्त विकास लक्ष्य को स्वीकार करना’ शीर्षक से आयोजित इस कार्यक्रम में परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के परमाध्यक्ष, ग्लोबल इंटरफेथ वाश एलांयस के सहसंस्थापक स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा, “यहां पर, इस समय हम सब का एक साथ होना नवीन इतिहास के सूत्रपात का द्योतक है।”
स्वामी सरस्वती ने कहा, “इस समय उम्मीद की किरण हमारे हाथ में है। 2030 तक हम नितांत गरीबी से निजात पाने के लिए प्रतिबद्धता प्रकट करते हैं, क्योंकि हमने स्वीकार कर लिया है कि विश्व एक परिवार है। हम सब के अंदर एक ही आत्मा का प्रवाह है, हमने समझ लिया है कि सृजन की रक्षा किए बिना सृजनकर्ता की पूजा पूर्ण नहीं हो सकती है।”
स्वामी ने सभी नेताओं को सकंल्प दिलाते हुए कहा, “हम सब एक साथ मिलकर गरीबी का उन्मूलन करेंगे। हम सब मिलकर सुनिश्चित करंेगे कि हमारे वैश्विक परिवार को शुद्ध जल, स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं शिक्षा की समुचित सुविधाएं उपलब्ध हों। हम एक आस्था बनाएं रखेंगे तथा हम सभी धर्मो के लोग एक होंगे और एक साथ मिलकर हम सब दुनिया को बदल सकते हैं।”
ग्लोबल इंटरफेथ वाश एलांयस की महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा, “सभी बंधनों, सीमाओं, जातियों एवं धर्मो से ऊपर उठकर पिछले 15 वर्षो से हमने एक साथ मिलकर कार्य किया है, ताकि सहस्राब्दि विकास लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके। आपकी प्रतिबद्धता, समर्पण एवं संगठित प्रयत्नों के माध्यम से बहुत कुछ स्थापित किया जा चुका है। किंतु अभी भी बहुत कुछ करने के लिए बाकी है। यह सन्तोष का समय नहीं बल्कि सार्थक कार्य करने का समय है।”
इस अवसर पर साध्वी भगवती सरस्वती को उद्घाटन सत्र का ‘प्रार्थना प्राधिकारी’ बनाया गया, जिसमें गरीबी व असमानता के उन्मूलन के लिए विभिन्न धर्मो के प्रमुखों द्वारा प्रार्थना एवं आकांक्षा व्यक्त की गई।
इससे पूर्व स्वामी सरस्वती अप्रैल में विश्व बैंक के कार्यक्रमों में अपने विचार व्यक्त कर चुके हैं। जुलाई में स्वामी चिदानन्द सरस्वती एवं ग्लोबल इंटरफेथ वाश एलायंस की महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती को विश्व बैंक के अध्यक्ष जिम यांग किम के साथ ‘धर्म एवं निर्वहन युक्त विकास’ विषय पर आयोजित उच्चस्तरीय दो दिवसीय सम्मेलन हेतु विश्व बैंक में आमंत्रित किया गया था।
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