नई दिल्ली, 6 फरवरी (आईएएनएस)। चीनी मिलों की मांग को स्वीकार करते हुए सरकार ने आयात शुल्क बढ़ाकर दोगुना करने का फैसला लिया है। चालू चीनी उत्पादन व विपणन वर्ष 2017-18 (अक्टूबर-सितंबर) में घरेलू बाजार में चीनी के भाव भारी गिरावट को ध्यान में रखते हुए चीनी मिलों ने खाद्य मंत्रालय से आयात शुल्क को बढ़ाकर सौ फीसदी करने की सिफारिश की थी। मंत्रालय की सिफारिश पर संसद के बजट सत्र के चालू रहते हुए सरकार ने इस आशय का फैसला लिया है।
सूत्रों के मुताबिक, विदेश व्यापार महानिदेशालय द्वारा जल्द ही चीनी पर आयात शुल्क में बढ़ोतरी को लेकर अधिसूचना जारी होगी।
नेशनल फेडरेशन ऑफ कॉपरेटिव शुगर फैक्टरीज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक नाइकनवरे ने सरकार के इस फैसले खुशी जाहिर की और कहा कि इससे विदेशों से चीनी आने की संभावना खत्म हो जाएगी और घरेलू बाजार भाव में थोड़ा सुधार होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार को देसी चीनी उद्योग की सेहत सुधारने के लिए और कदम उठाने होंगे। मसलन, निर्यात शुल्क को घटाकर शून्य किए जाने से चीनी निर्यात की संभावना बन सकती है। चीनी पर 20 फीसदी निर्यात शुल्क 2016 से लागू है।
उन्होंने कहा कि सरकार को दोबारा चीनी मिलों के लिए निर्यात का एक कोटा तय करने पर विचार करना चाहिए।
नाइकनवरे के मुताबिक, अगर निर्यात 14-15 लाख टन हो जाता है तो उद्योग की हालत सुधर जाएगी। 2015 में सरकार ने घरेलू चीनी मिलों को कुल 40 लाख टन चीनी निर्यात करना अनिवार्य कर दिया था। हालांकि चीनी वर्ष 2015-16 में महज 16 लाख टन ही चीनी का निर्यात हो पाया था।
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