चीनी मूल्य में गन्ना मूल्य का 90 फीसदी योगदान

नई दिल्ली, 17 दिसम्बर (आईएएनएस)। चीनी मूल्य को बाजार के हवाले कर देने और गन्ना मूल्य को नियंत्रित किए जाने की वजह से चीनी के मूल्य में गóो के मूल्य का योगदान बढ़कर 90 फीसदी हो गया है। यह बात इंडियन सुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) के अध्यक्ष ए. वेल्लयन ने कही।

वेल्लयन ने 81वीं इस्मा सालाना आम बैठक (एजीएम) को संबोधित करते हुए बुधवार को कहा, “हम गत वर्ष ऐसी स्थिति में पहुंच गए, जहां चीनी मूल्य में गóो के मूल्य का अनुपात 90 फीसदी से अधिक हो गया, जबकि वैश्विक स्तर पर ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया और थाईलैंड में 60-65 फीसदी है।”

वेल्लयन ने कहा कि चीनी उद्योग भले ही शेयर ब्रोकरों का पसंदीदा उद्योग नहीं हो, लेकिन यह एक महत्वपूर्ण उद्योग है, क्योंकि इससे डेढ़ करोड़ किसान जुड़े हुए हैं और यह बिना बिचौलिए के ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल देता है।

उन्होंने कहा, “प्रति एकड़ गóो से धान, गेहूं, कपास, सोयाबीन, काला चना, केला जैसे फसलों के मुकाबले अधिक लाभ मिलता है।”

वेल्लयन ने कहा, “गन्ना और चीनी के मूल्य में अंतर घटने का मुख्य कारण गóो की अधिक आपूर्ति और उसके परिणामस्वरूप चीनी का अधिक उत्पादन है, जिसके कारण लगातार पांच साल से उत्पादन मांग से अधिक रहा है।”

इस्मा अध्यक्ष ने तत्काल उद्योग को लाभ में लाए जाने की जरूरत बताई, क्योंकि यह 15-20 लाख लोगों को नौकरी देता है। इससे 25 अरब इकाई स्वच्छ ऊर्जा पैदा हो सकती है। यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक देश है। यह उद्योग 80 हजार करोड़ रुपये का है और सरकार को 75 हजार करोड़ रुपये का कर देता है।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493