इस विज्ञापन में कहा गया है कि “प्रिय मॉम-डैड, दुनिया बड़ी है और जीवन जीने के कई तरीके हैं। आप भी अविवाहित रहते हुए प्रसन्न हो सकते हैं।” इस नारे के अलावा इस विज्ञापन में एक लड़की, कुछ लालटेन और पटाखों का कार्टून है और उसके पाश्र्व में चमकीले नारंगी रंगों का प्रयोग किया गया है।
बीजिंग शहर के एक सबवे में यह विज्ञापन फरवरी के प्रारंभ से ही लगा हुआ है। यह विज्ञापन युवा चीनियों के एक समूह ने अपने माता-पिता द्वारा शादी के दबाव बनाने के अनुभवों को साझा करने के लिए लगाया है। इस समूह ने इस विज्ञापन को लगाने के लिए 38,000 युआन (5,783 डॉलर) की रकम ऑनलाइन जुटाई।
युवा और एकल चीनियों पर विवाह के दवाब को चीनी भाषा में ‘बिहुन’ कहते हैं। खासतौर पर वसंत नव वर्ष के मौके पर जब वे अपने घर आते हैं तो माता-पिता से लेकर दादा-दादी तक और अन्य सगे-संबंधी उनपर शादी के लिए दबाव डालते हैं।
हाल में किए गए एक सर्वेक्षण के मुताबिक, 86 फीसदी युवा चीनी जिनकी उम्र 25 से 35 के बीच होती है वे अपने माता-पिता द्वारा दिए जानेवाले शादी के दबाव का सामना करते हैं। इस समूह को आयोजकों में से एक 33 वर्षीय कुंवारे हान डेकियान बताते हैं कि उनके मां-बाप ने उन पर 25 साल की उम्र से ही शादी के लिए दबाव डालना शुरू कर दिया। “जब कि मैं उनसे अलग राय रखता हूं। जब मैं हाई स्कूल में था तो मेरे माता-पिता मुझे किसी लड़की से दोस्ती करने से मना करते थे। लेकिन जब मैं कॉलेज में स्नातक की पढ़ाई कर रहा था तो वे चिंतिंत थे कि मैं किसी लड़की से दोस्ती क्यों नहीं कर रहा हूं।”
हान कहते हैं कि वे इस विज्ञापन के माध्यम से जनजागृति पैदा करना चाहते हैं, ताकि आनेवाली पीढ़ियों को इस तरह के दबाव का सामना न करना पड़े। पेकिंग विश्वविद्यालय के समाजशाी कियू जेकी का कहना है कि बड़े शहरों में रहने वाले चीनी युवा उन्मुक्त और विविध जीवन शैली में रहते हैं और वे अपने पारिवारिक मूल्यों से दूर जा रहे हैं।
dharmpath.com dharmpath