माइक्रोसेफली एक बीमारी है जिसमें भ्रूण के मस्तिष्क का असामान्य विकास होता है, जिसके कारण नवजात शिशु का सिर सामान्य से छोटा होता है।
ब्राजील समेत कई जगहों पर माइक्रोसेफली के मामलों में इजाफा देखने को मिला है, क्योंकि उन इलाकों में जीका वायरस तेजी से फैल रहा है। ज्यादातर मामलों में माइक्रोसेफली के शिकार बच्चों की मांएं जीका वायरस से संक्रमित पाई गई हैं।
वैज्ञानिकों को जीका वायरस और माइक्रोसेफली के बीच एक गहरा संबंध होने का संदेह रहा है, लेकिन इसकी पुष्टि के लिए अभी तक कोई सीधा सबूत नहीं मिला था।
यह शोध चायनीज एकेडमी ऑफ साइंसेस के इंस्टीट्यूट ऑफ जेनेटिक्स एंड डेवलपमेंट बायलॉजी से जुड़े शू जिहेंग और एकेडमी ऑफ मिलिट्री मेडिकल साइंसेस के तहत इंस्टीट्यूट ऑफ माइक्रोबॉयलॉजी एंड एपीडेमियोलॉजडी से संबद्ध क्विन चेंगफेंग के नेतृत्व वाली टीमों ने संयुक्त रूप से किया।
वैज्ञानिकों ने जीका वायरस के नस्ल को एक चीनी मरीज से निकालकर चूहे के भ्रूण के मस्तिष्क में डाल दिया। शू के मुताबिक, जीका चूहे के भ्रूण के मस्तिष्क और संक्रमित न्यूरल स्टेम कोशिकाओं में तेजी से फैलने लगा।
क्विन ने कहा, “हम आशा करते हैं कि इस मॉडल से दवाई और टीका का परीक्षण किया जा सकेगा, जिससे जीका वायरस के संक्रमण को रोकने और उसके इलाज में सफलता मिलेगी।”
dharmpath.com dharmpath