भारतीय अंग्रेजी दैनिक ‘द हिंदू’ में प्रकाशित एक लेख के अनुसार, ली ने कहा कि भारत और चीन दोनों के पास उम्दा प्राचीन सभ्यताएं हैं। ली इन दिनों भारत के दौरे पर हैं।
भारतीय कवि रवींद्रनाथ टैगोर को उद्धृत करते हुए ली ने कहा कि भारत और चीन लंबे समय से दो भाइयों की तरह हैं, जिनके बीच आपस में खूब प्रेम है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले करीब 2,000 वर्षो में दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण आदान-प्रदान की कई कथाएं एवं किंवदंतियां हैं।
उन्होंने कहा कि 1950 के दशक में भारत और चीन ने अन्य एशियाई देशों के साथ मिलकर शांतिपूर्ण सहअस्तित्व के पंचशील सिद्धांत की शुरुआत की, जो आगे चलकर अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को नियमित करने वाले मौलिक नियमों के रूप में सामने आया।
ली ने कहा, “हमने न सिर्फ 2.5 अरब लोगों के जीवनयापन में सुधार किया है, बल्कि हम विश्व के आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के दो प्रमुख उत्प्रेरक बन गए हैं।”
ली ने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, चीन के प्रधानमंत्री ली केकियांग और अन्य चीनी नेता भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य भारतीय नेताओं से कई अवसरों पर मुलाकात कर चुके हैं, जिस दौरान विकास के लिए अधिक निकट भागीदारी बनाने पर महत्वपूर्ण सहमति बनी है।
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