चीन के उप वाणिज्य मंत्री गाओ यान ने बुधवार को कहा कि 2015 की प्रथम छमाही में चीन और आसियान व्यापार साल-दर-साल आधार पर 1.6 फीसदी बढ़कर 224 अरब डॉलर रहा, जो चीन के कुल विदेशी व्यापार का 12 फीसदी है।
गाओ ने यह बात 12वें चीन-आसियान एक्सपो से संबंधित एक संवाददाता सम्मेलन में कही। एक्सपो का आयोजन गुआंग्शी झुआंग स्वायत्तशासी क्षेत्र में 18 से 21 सितंबर तक होगा।
चीन-आसियान व्यापार गत वर्ष 8.23 फीसदी बढ़कर 480 अरब डॉलर रहा था।
चीन 2009 से आसियान का सबसे बड़ा व्यापार साझेदार है, जबकि आसियान 2010 से चीन का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
गाओ ने कहा कि इसमें चीन-आसियान एक्सपो ने बड़ी भूमिका निभाई है।
गाओ ने कहा कि अगस्त के बाद से चीन-आसियान मुक्त व्यापार क्षेत्र (सीएएफटीए) का दर्जा बढ़ाने से संबंधी वार्ता आगे बढ़ी है और इस साल के अंत तक एक समझौता हो जाने की संभावना है।
सीएएफटीए 2010 में शुरू हुआ था और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में यह दुनिया का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार क्षेत्र हो गया है, जिसकी कुल जनसंख्या 1.9 अरब है। 2013 में चीन के प्रधानमंत्री ली केकियांग ने 2020 तक 1,000 अरब डॉलर व्यापार हासिल करने के लक्ष्य के साथ सीएफटीए का दर्जा बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था।
गावो ने कहा कि रीजनल कंप्रीहेंशिव इकॉनॉमिक पार्टनरशिप (आरसीईपी) पर वार्ता सफल रही है। वस्तु एवं सेवाओं के व्यापार, निवेश और बौद्धिक संपदा अधिकार के मुद्दों सहित सात क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
उल्लेखनीय है कि आरसीईपी आसियान देशों और आस्ट्रेलिया, चीन, भारत, जापान, न्यूजीलैंड और रिपब्लिक ऑफ कोरिया का एक प्रस्तावित मुक्त व्यापार क्षेत्र है।
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