वांग ने कहा कि समझौते का लागू होना ईरान के परमाणु मुद्दों के राजनीतिक व कूटनीतिक समाधान की दिशा में एक मजबूत कदम है।
वांग का यह बयान यूरोपीय संघ (ईयू) और ईरान द्वारा शनिवार को संयुक्त रूप से संयुक्त व्यापक कार्ययोजना (जेसीपीओए) के क्रियान्वयन की घोषणा के बाद आया है।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम से संबंधित इस ऐतिहासिक समझौते पर पिछले साल जुलाई में ईरान और दुनिया की छह महाशक्तियों के बीच सहमति बनी थी, जिनमें सुरक्षा परिषद के पांच स्थाई सदस्य- अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी शामिल था।
जेसीपीओ लागू होने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ईरान पर पूर्व में लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने के कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए, जो उसके परमाणु कार्यक्रमों के संदर्भ में लगाए गए थे।
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