क्षेत्रीय जल संसाधन विभाग के मुताबिक, इस निवेश से लगभग 18 लाख किसानों और खानाबदोशों को लाभ मिला है। इससे दूरवर्ती क्षेत्रों में अनाज उत्पादन में स्थिरता आई है। साफ पेयजल और बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हुई है।
साल 2011 से 2015 तक तिब्बत में पानी की आपूर्ति 70 करोड़ घन मीटर बढ़ी है। लगभग 100,000 हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्रों में सुधार किया गया है।
इसके अलावा 7,73,000 ग्रामीणों, छात्रों, शिक्षकों और मठ वासियों को स्वच्छ पेयजल प्राप्त हुआ है। बिजली नहीं मिलने से बेहाल 2,70,000 लोगों को पनबिजली से मदद मिली है।
बीते पांच वर्षो के दौरान गर्मियों में बाढ़ और मूसलाधार बारिश से निपटने के लिए 1,600 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में तटबंध बनाए गए हैं और 1,300 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में नदियों में सुधार किया गया है।
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