बीजिंग में जन्मी यांग ने शुचो यूनिवर्सिटी में शिक्षा ग्रहण की, जिसके बाद 1930 में उन्होंने शिंघुआ यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की। उनकी शादी कियान झोंगशू से हुई। कियान का 1997 में निधन हो गया था।
कियान के साथ ब्रिटेन व फ्रांस में अध्ययन करने के बाद यांग वापस लौटीं और शिंघुआ यूनिवर्सिटी में विदेशी भाषा की प्रोफेसर बन गईं। वे साल 1950 में पेकिंग यूनिवर्सिटी तथा सीएएसएस फॉरेन लिटरेचर स्टडी सेंटर में साहित्य शोधकर्ता थीं।
अंग्रेजी, फ्रेंच व स्पेनिश भाषा की जानकार यांग के अनुवाद ‘डॉन क्विसोट’ तथा फ्रेंच उपन्यास ‘गिल ब्लास’ चीनी पाठकों के दिलों में जगह बनाई।
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