बीजिंग, 13 अगस्त (आईएएनएस)। चीन के तिआनजिन शहर में एक गोदाम में हुए श्रृंखलागत विस्फोटों में कम से कम 50 लोगों की मौत हो गई, जबकि 500 से अधिक लोग घायल हो गए। विस्फोट की चपेट में आकर 2,500 से अधिक कारें भी खाक हो गई।
मीडिया रपट में गुरुवार को कहा गया कि अधिकारियों ने बुधवार को गोदाम में हुए विस्फोट के कारणों की जानकारी नहीं दी है, लेकिन तत्काल 214 सैन्य विशेषज्ञों को घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया, जो परमाणु व जैवरासायनिक पदार्थो से निपटेंगे।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, बुधवार रात हुए हादसे में जिन लोगों की जान गई है, उनमें 12 दमकलकर्मी भी शामिल हैं। दुर्घटना में 521 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें से 71 गंभीर रूप से घायल हैं। 20 से अधिक लोग लापता हैं।
जिआनजिन में रुईहाई गोदाम में बुधवार रात लगभग 11.20 बजे विस्फोट से आग लग गई। यहां खतरनाक एवं विस्फोटक सामान रखे जाते थे।
अधिकारियों ने कहा कि एक हजार दमकलकर्मी तथा 151 दमकल आग से निपटने में लगे हैं। घटनास्थल पर ड्रोन को भी तैनात किया गया है।
चाइना डेली की एक रपट के मुताबिक, घटनास्थल से कुछ दूरी पर रहने वाले झांग ने कहा कि विस्फोट के कारण रात का नजारा दिन में बदल गया।
एक वीडियो क्लिप में आकाश में धुएं का एक विशाल गुबार दिखा, जिसके तुरंत बाद आग लग गई।
चाइना बिजनेस न्यूज की एक रपट के मुताबिक, दुर्घटनास्थल पर खड़ी आयातित 2,748 फॉक्सवैगन कारें धूं-धूं कर खाक हो गईं।
विस्फोट इतना शक्तिशाली था, कि उससे भूकंप जैसा आभास हुआ।
स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने तेज धमाके के साथ गोदाम से आग की ऊंची लपटें और काला धुआं उठते देखा। तेज धमाके से खिड़कियों के कांच टूट गए और आवाज कई किलोमीटर तक सुनी गई।
अधिकारियों ने कहा कि कई कंटेनरों में आग लगने की खबर के बाद दमकलकर्मी बुधवार को पहले तियानजिन बंदरगाह पर पहुंचे।
तियानजिन दमकल विभाग के प्रमुख झोउ तियान ने कहा कि दमकलकर्मियों का दूसरा जत्था इसके 10 मिनट के बाद और पहले विस्फोट के लगभग 14 मिनट पहले पहुंचा।
बीबीसी की एक रपट के मुताबिक, पहला विस्फोट 11.30 बजे हुआ, जिसके बाद एक और अधिक शक्तिशाली विस्फोट हुआ। इसके बाद कई छोटे विस्फोट हुए।
वहां के निवासियों ने रात की तबाही को बयां किया।
35 वर्षीय महिला कारोबारी झाओ लिरोंग उस वक्त सो रही थीं, जब विस्फोट हुआ। विस्फोट से उनके अपार्टमेंट के दरवाजे व खिड़कियां उखड़कर उनके सिर, उनके बेटे के गरदन व पति के पैर में जा लगीं।
तैडा अस्पताल के प्रमुख लु युन ने बताया कि यहां 150 मरीजों को भर्ती किया गया है, जिनमें से ज्यदातर कांच और पत्थर के टुकड़ों से जख्मी हुए हैं।
गोदाम में गुरुवार तड़के तीन बजे तक आग की लपटें देखी गईं और धमाकों की आवाज सुनी गई।
सेना ने बचाव अभियान में सहायता के लिए 130 लोगों को काम पर लगाया है। साथ ही घटनास्थल को देखने व आग पर पानी डालने के लिए वे ड्रोन तथा पायलटिंग हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल कर रहे हैं।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग तथा प्रधानमंत्री ली केकियांग ने दुर्घटना की जांच के लिए कहा है।
शी ने घायल लोगों का इलाज करने, लापता लोगों की तलाश करने तथा आग पर काबू पाने में कोई कसर न छोड़ने का आदेश दिया है।
ली ने अधिकारियों से तलाशी व बचाव अभियान को तेज करने का अनुरोध किया है।
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