वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि यह कोष केंद्रीय मुद्राकोष से लिया गया है, जो साल 2015 से तीन गुना अधिक है।
चीन बच्चों को नौ सालों की (6 से 15 वर्ष) अनिवार्य शिक्षा देने की प्रतिबद्धता रखता है।
बयान के मुताबिक, इस रियायत (सब्सिडी) का इस्तेमाल शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच शिक्षा संसाधनों के संतुलन के लिए किया जाना चाहिए।
मंत्रालय ने कहा कि अधिक कोष का उपयोग बोडिर्ंग स्कूलों, छोटे स्कूलों या अपर्याप्त संसाधनों वाले स्कूलों तथा ग्रामीण प्रवासी परिवारों के विद्यार्थियों के विकास के लिए किया जाना चाहिए।
इसके साथ ही सब्सिडी का इस्तेमाल ग्रामीण विद्यार्थियों के पोषण और गरीबी से त्रस्त क्षेत्रों में ग्रामीण शिक्षकों की आजीविका के सुधार के लिए भी किया जाएगा।
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