बीजिंग, 10 अगस्त (आईएएनएस/सिन्हुआ)। चीन ने बुधवार को एक नए हाई रिजोल्यूशन सिंथेटिक एपर्चर राडार (एसएआर) इमैजिंग उपग्रह को उत्तरी शांक्सी प्रांत से लॉन्च किया। चीन ने दक्षिण चीन सागर विवाद को लेकर समुद्री अधिकारों के संरक्षण के लिए यह उपग्रह लॉन्च किया है।
बीजिंग, 10 अगस्त (आईएएनएस/सिन्हुआ)। चीन ने बुधवार को एक नए हाई रिजोल्यूशन सिंथेटिक एपर्चर राडार (एसएआर) इमैजिंग उपग्रह को उत्तरी शांक्सी प्रांत से लॉन्च किया। चीन ने दक्षिण चीन सागर विवाद को लेकर समुद्री अधिकारों के संरक्षण के लिए यह उपग्रह लॉन्च किया है।
गाओफेन-3 उपग्रह को लांग मार्च 4सी रॉकेट से ताइयुआन उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से छोड़ा गया। यह लांग मार्च माल वाहक रॉकेट का 233वां उड़ान मिशन था।
चीन का पहला एसएआर इमैजिंग उपग्रह एक मीटर लंबी दूरी के लिए बिल्कुल सटीक है, यह प्रत्येक मौसम में पृथ्वी की निगरानी कर सकता है। इसका इस्तेमाल आपदा चेतावनी, मौसम पूर्वानुमान, जल संसाधन आकलन, और समुद्री अधिकारों के संरक्षण के लिए किया जाएगा।
दक्षिण चीन सागर पर चीन अपने पड़ोसी मुल्कों के साथ समुद्री विवाद को लेकर उलझा हुआ है। माना जाता है कि दक्षिण चीन सागर में तेल व गैस का विशाल भंडार है। फिलीपींस, विएतनाम, ब्रुनेई, मलेशिया तथा ताइवान ने भी इस पर अपना दावा किया है।
संयुक्त राष्ट्र की एक मध्यस्थता अदालत ने जून में अपने एक फैसले में दक्षिण चीन सागर पर चीन के दावे को हालांकि खारिज कर दिया। बीजिंग ने भी इस फैसले को अवैध बताते हुए खारिज कर दिया है।
12 इमैजिंग मोड के साथ हाई-डेफेनेशन अवलोकन उपग्रह पृथ्वी की व्यापक तस्वीरें लेने और विशिष्ट क्षेत्रों का विस्तृत परि²श्यों की फोटोग्राफी करने में सक्षम है।
यह चीन का पहला निम्न कक्षीय दूरसंवेदी उपग्रह भी है, जिसका जीवनचक्र आठ साल है। यह लंबी अवधि तक अपने उपयोगकर्ताओं को हाई डेफेनेशन दूरसंवेदी डाटा उपलब्ध कराने में सक्षम है।
गाओफेन-3 तथा लॉन्ग मार्च 4सी रॉकेट को चाइना एकेडमी ऑफ स्पेस टेक्नोलॉजी तथा शंघाई एकेडमी ऑफ स्पेसलाइट टेक्नोलॉजी ने चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी कॉरपोरेशन के निर्देश के तहत विकसित किया है।
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