नई दिल्ली, 10 अगस्त (आईएएनएस)। बॉयोडीजल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बीडीएआई) ने राज्यों से हरित ऊर्जा और देश में ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए बॉयोडीजल मिश्रित ईंधन को मूल्य वर्धित कर (वैट) में छूट देने की मांग की है।
वर्तमान में कई राज्यों में पेट्रोल-डीजल में 24 फीसदी तक बॉयोडीजल को मिश्रित किया जाता है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि अगर राज्यों ने इसे बढ़ावा देने के लिए वैट में छूट नहीं दी तो खुदरा क्षेत्र में बॉयोडीजल को मिश्रित करने की पहल खत्म हो जाएगी।
विश्व बॉयोफ्यूल दिवस पर बुधवार को यहां आयोजित ‘भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा- बॉयोफ्यूल अर्थव्यवस्था का सृजन’ सम्मेलन में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अध्यक्ष संदीप चतुर्वेदी ने कहा, “राज्यों को बॉयोडीजल मिश्रण पर वैट में छूट देनी चाहिए। हाई स्पीड डीजल (एचएसडी) 10 पैसे प्रति लीटर की भी छोटी सी लेवी समूचे सम्मिश्रण कार्यक्रम को वित्तीय सहायता दे सकता है।”
उन्होंने कहा कि यह उद्योग साल 2019 तक 30 लाख टन बॉयोडीजल की आपूर्ति करने में सक्षम होगा। इससे करीब 5 लाख प्रत्यक्ष नौकरियां और 10 लाख सहायक उद्योगों में नौकरियां पैदा होगी। कुल मिलाकर इससे करीब 40 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होगी।
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