100 मीटर लंबे इस जहाज का वजन 4,980 टन है। इसमें कई रिमोट सेंसिंग उपकरण लगे हैं, जो 10 हजार मीटर तक की गहराई तक अन्वेषण का काम कर सकते हैं।
जहाज के मालिक संस्थान, स्टेट ओशनिक एडमिनिस्ट्रेशन के फर्स्ट इंस्टीट्यूट ऑफ ओशनोग्राफी के कम्युनिस्ट पार्टी महासचिव कियाओ फांगली ने कहा कि जहाज अपना पहला अन्वेषण हिंद महासागर में करेगा।
हुबेई प्रांत की कंपनी वुचांग शिपबिल्डिंग इंडस्ट्री ग्रुप के बोर्ड अध्यक्ष यांग झियांग ने कहा कि यह जहाज पूर्ण स्वचालित है और सिर्फ एक अकेला नाविक भी इसका संचालन कर सकता है। उन्होंने साथ ही कहा कि इस पर सैटेलाइट ब्रॉडबैंड की भी सुविधा है, जिससे जहाज पर से वीडियो कानफरेंसिंग की जा सकती है।
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