इसकी बानगी इससे समझी जा सकती है कि बीजिंग की शिशु उत्पाद विक्रेता शी चुन ऑनलाइन माध्यम से ऑर्डर देने वाले खरीदारों को भेजे जाने वाले पार्सलों पर हर महीने 20,000 मीटर टेप चिपकाती हैं। शी चुन ने कहा, “मैं नहीं जानती कि कहीं टेप या पैकेजिंग सामग्री को रिसाइकिल भी किया जाता है या नहीं।”
ई-कॉमर्स कंपनियां ऑनलाइन बिक्री के सबसे बड़े दिवस सिंगल्स डे पर मिले ऑर्डर की आपूर्ति कर चुकी हैं, लेकिन चीन में बिक्री का दूसरा सबसे बड़ा दिवस 12 दिसंबर या ‘डबल 12’ सामने खड़ा है। 11 नवंबर को सिंगल्स डे पर करीब 76 करोड़ पैकेटों की आपूर्ति की गई थी।
2014 में चीन में 14 अरब पैकेटों की आपूर्ति की गई थी। इनमें से अधिकतर उत्पादों की पैकेजिंग को कचड़े के डब्बे में फेंका गया, जिसमें कार्डबोर्ड, फोम प्लास्टिक, प्लास्टिक के थैले तथा अन्य सामग्रियों का इस्तेमाल किया गया था।
हर पैकेट का औसत 200 ग्राम वजन के हिसाब से 2014 में पार्सलों से 28 लाख टन कचड़ा पैदा हुआ। इस कचड़े से दो लाख फुटबॉल मैदानों को भरा जा सकता है। इनमें उपयोग किए गए टेप से धरती को 300 बार लपेटा जा सकता है।
पश्चिमोत्तर चीन के शांक्सी प्रांत की राजधानी शियान के एक रिसाइक्लिंग विशेषज्ञ चेन जियान ने कहा, “अधिकतर पैकेजिंग सामग्रियों को रिसाइकिल किया जा सकता है, लेकिन वास्तविकता यह है कि बहुत कम की रिसाइक्लिंग होती है।”
शियान में हर साल इन पैकेटों में से सिर्फ 60 फीसदी को रिसाइकिल किया जाता है। प्लास्टिक के थैले और पैकेजिंग में इस्तेमाल किए गए अन्य सामग्रियों को कभी रिसाइकिल नहीं किया जाता है और उनका उपयोग गड्ढों को भरने में किया जाता है। इनका सालाना वजन करीब 350 टन होता है।
चाइना रिसोर्स रिसाइक्लिंग एसोसिएशन के बेकार कागजों से संबंधित विभाग के सचिव तांग यांजू के मुताबिक एक टन कागज की लुगदी से 0.8 टन नए कागज बनाए जा सकते हैं, जो 17 पेड़, 1.2 टन कोयला और 600 किलोवाट बिजली को बचाने के बराबर है।
कुछ कुरियर कंपनियां हालांकि पैकेजिंग को वापस लेने की सेवा भी देती हैं, लेकिन कर्मचारियों की कमी के कारण यह सेवा जरूरत के मुकाबले नगण्य है।
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