इस अवधि में लगभग एक करोड़ मामले दर्ज हुए हैं।
एसपीसी ने न्यायिक सुधार पर एक श्वेत पत्र में कहा कि मामला दर्ज कराने की प्रणाली शुरू होने के बाद से प्रशासनिक मामलों की संख्या में 66.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
पहले की व्यवस्था के मुताबिक मामला दर्ज करने से पूर्व मामले के दस्तावेजों की पूर्ण और विस्तृत समीक्षा की जाती थी। इस प्रणाली में सुधार के बाद मामले को मौके पर ही दर्ज किया जाना आवश्यक बना दिया गया है।
श्वेत-पत्र के मुताबिक, पहले लोगों के लिए कानूनी मामले दर्ज करना कठिन होता था लेकिन अब उनमें भी बढ़ोतरी हुई है।
अब तक 2,189 अदालतों में ऑनलाइन मामला दर्ज करने की सुविधाएं हैं और 781 अदालतों में मोबाइल एप्स हैं, जिससे ये सुविधाएं और अधिक प्रभावशाली हो गई हैं।
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