मंत्रालय के प्रवक्ता चेन रिफा ने कहा कि ये संगठन जरूरतमंदों को भोजन, कपड़े व कंबल बांटने का काम कर रहे हैं। साथ ही उन्हें रहने की जगह या जरूरतमंद लोगों को रेल या बस की टिकटें भी प्रदान कर रहे हैं।
चेन ने कहा कि यहां तक कि सहायता लेने से मना करनेवालों को फिर से सहायता की पेशकश की जाएगी और अगर उनको मदद चाहिए, तो उनके लिए दरवाजा हमेशा खुला है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस ठंड में अबतक 90 हजार लोगों को सड़कों से उठाकर राहत केंद्र पहुंचाया गया है।
स्कूल तथा घर से बाहर की अन्य गतिविधियों को बंद कर दिया गया है और बीते गुरुवार को रिकॉर्ड ठंड शुरू होने के बाद से आपातकालीन सेवाओं को तैनात रखा गया है। कई क्षेत्रों में इस साल के तापमान ने 30 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
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