‘चाइना सेंटर फॉर इकोनॉमिक रिसर्च’ के संस्थापक निदेशक और पेकिंग यूनिवर्सिटी के मानद प्रोफेसर जस्टिन यिफु लिन ने मास्को में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “चीन आर्थिक रूप से विकास करता रहेगा और वैश्विक आर्थिक विकास का इंजन बना रहेगा।”
लिन ने चीन की अर्थव्यवस्था में गिरावट की उन अटकलों को भी खारिज किया, जिसमें पिछले कई साल के मुकाबले 2015 में विकास दर कम रहने की बात कही जा रही है।
लिन ने कहा, “कुछ लोग चीन की अर्थव्यवस्था के चरमरा जाने की बात कह रहे हैं। मुझे लगता है कि उन्हें चीन की अर्थव्यवस्था की समझ नहीं है।”
अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 2015 में चीन की विकास दर का सात फीसदी लक्ष्य हासिल हो जाएगा।
लिन ने कहा कि 2015 में महंगाई दर (2.5 प्रतिशत) और बेरोजगारी दर (4 प्रतिशत) दोनों सरकार की लक्षित सीमा के अंदर है।
लिन ने 2016 को लेकर आंकलन करते हुए कहा कि चीन की निर्यात वृद्धि दर अपेक्षाकृत कम रहेगी और आर्थिक विकास को आंतरिक संसाधनों के माध्यम से हासिल किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि चीन के पास उच्च विकास दर बनाए रखने की अच्छी संभावनाएं है, क्योंकि उनके पास निवेश कई अच्छे अवसर हैं।
रूस के साथ चीन के संबंधों के बारे में लिन ने कहा कि दोनों देशों के बीच साझेदारी की अच्छी संभावनाएं हैं।
dharmpath.com dharmpath