13 से 19 सितंबर तक चले अभ्यास के समापन समारोह को संबोधित करते हुए चीनी नौसेना के डिप्टी कमांडर वांग हे ने अभ्यास की सफलता और उद्देश्य के पूरा होने की घोषणा की।
वांग ने कहा कि इस अभ्यास से दो देशों की नौसेनाओं की वास्तविक युद्ध क्षमताओं और मानकीकरण में सुधार हुआ है। उनका कहना है कि वह व्यावहारिक सहयोग का विस्तार और संचार को बढ़ावा देगा।
वहीं, रूसी नौसेना के डिप्टी कमांडर एलेक्सेंडर फेदोतेनकोव ने कहा कि दोनों नौसेनाओं ने इस दौरान सैद्धांतिक और व्यावहारिक अनुभव साझा किए।
चीन और रूस के इस संयुक्त अभ्यास में नौसेना के जहाज, पनडुब्बियां, फिक्स्ड विंग विमान, जहाज जनित हेलीकॉप्टर और साथ ही उभयचर बख्तरबंद उपकरण शामिल रहे।
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